$100 trillion dollar note: 100 लाख करोड़ का नोट! अर्थव्यवस्था सुधारने किस देश ने उठाया था बड़ा कदम, फिर भी नहीं गई भूखमरी

$100 trillion dollar note: 100 लाख करोड़ का नोट! अर्थव्यवस्था सुधारने किस देश ने उठाया था बड़ा कदम, फिर भी नहीं गई भूखमरी$100 trillion dollar note: क्या हो जब एक ही नोट पूरे देश की अर्थव्यवस्था के बराबर हो। आर्थिक संकट को देखते हुए एक देश ने 100 लाख करोड़ का नोट छाप लिया और इसे जारी भी कर दिया। आपको जानकर हैरानी होगी कि महंगाई और आर्थिक चुनौती से निपटने के लिए इस देश में $100 ट्रिलियन डॉलर का नोट छाप कर जारी किया था, इसके बावजूद देश में भूखमरी खत्म नहीं हुई। विदित हो कि इन दिनों पाकिस्तान, श्रीलंका, तुर्की और अर्जेंटीना जैसे कई देश आर्थिक संकट से जूझ रहे यहां महंगाई आसमान को छू रही है और लोग खाने की वस्तुओं के लिए भी परेशान हो रहे हैं।

Also Read : PMKVY: रेलवे में नौकरी का मौका! सरकार खुद फ्री में ट्रेनिंग देकर देगी जॉब, इस तरह करें आवेदन

2008 में जारी किया था यह नोट ($100 trillion dollar note)

बता दें कि जिंबाब्वे वह देश है जिसने 2008 में ब्लैक मार्केट में 100 ट्रिलियन डॉलर का बैंक नोट जारी कर दिया था। इस नोट की कीमत भारतीय रुपयों में 100 लाख करोड़ थी। बता दें कि पाकिस्तान जैसे कई देश की अर्थव्यवस्था से ज्यादा इस नोट की कीमत है। अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि देश में आर्थिक बदहाली के बाद इतनी बड़ी करेंसी कैसे जारी हो गई।

Also Read : Creature Viral video: सूंड भी है और लंबी पूंछ भी, लेकिन हाथी नहीं है यह विचित्र जीव, वीडियो हो रहा वायरल

महंगाई से लड़ने छापा था नोट

बता दें कि 2008 में जिंबाब्वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था और उनके पास विदेशी मुद्रा भंडार भी समाप्त हो गया था। उनकी करेंसी की वैल्यू भी रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गई थी। इसी वजह से जिंबाब्वे रिजर्व बैंक ने ट्रिलियन यूनिट की करेंसी लाने की योजना बनाई। अभी 2023 में भी इसी तरह के हालात देश में बन रहे हैं। जिंबाब्वे में फिर से महंगाई तेजी से बढ़ने लगी है। कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इस अफ्रीकी देश में हालात बिगड़ने लगे हैं।

Also Read : Today Current Affairs : क्‍या आप जानते हो ! किसने ‘जियोस्पेसियल हैकथॉन’का शुभारम्भ किया

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker