Budget 2023 income tax: करदाताओं की बल्ले बल्ले! बजट 2023 में मिलेगी 3 खुशखबरियां, ये है मोदी सरकार का खास प्लान

Budget 2023 income tax: करदाताओं की बल्ले बल्ले! बजट 2023 में मिलेगी 3 खुशखबरियां, ये है मोदी सरकार का खास प्लान
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Budget 2023 income tax: इस बार के केंद्रीय बजट 2023 (union budget 2023) में करदाताओं (income taxpayers) के लिए बड़ा सरप्राइज मिलने की पूरी संभावना है। देश में बहुत कम नागरिक टैक्स देते हैं। जो ईमानदारी से टैक्स भरते हैं। कई करदाताओं में नाराजगी है कि सरकार उनके फायदे के लिए कुछ कदम नहीं उठाती। लेकिन अब मोदी सरकार ने टैक्सपेयर्स की नाराजगी दूर करने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले बजट में करदाताओं के लिए एक नहीं बल्कि तीन विशेष घोषणाएं करेंगी।

आम बजट (general budget) में करदाताओं को 1 नहीं बल्कि 3 खुशखबरी मिलेगी। बेसिक टैक्स स्लैब में बदलाव होगा। इनकम टैक्स लिमिट बढ़ने की संभावना है। बजट पेश होने में सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। और भी कई आश्चर्य होने हैं।

बीते 9 वर्ष से टैक्स लिमिट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मगर इस अंतिम बजट में यह सीमा बढ़ने की संभावना है। श्रमिक वर्ग को 80सी के तहत मिलने वाली रियायतों का अधिक लाभ मिलने की भी संभावना बढ़ गई है।

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ये फायदे मिलेंगे (Budget 2023 income tax)

फिलहाल इनकम टैक्स के तहत निवेशकों को 80सी के नियम से राहत मिलती है। 80C के तहत निवेशकों को 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स नहीं देना होता है। इनमें पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और बीमा योजनाएं शामिल हैं। अगर यह सीमा बढ़ाई जाती है तो वेतनभोगी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

वर्तमान कर ढांचे में 2.5 लाख रुपए तक कोई कर नहीं लगाया जाता है। 2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए के बीच की आय पर 5 %, 5 लाख रुपए से 7.5 लाख रुपए के बीच 10 % और 7.5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए के बीच 15 % कर लगाया जाता है। अब इस टैक्स स्ट्रक्चर को बदलने की मांग हो रही है।

करदाताओं को 10 लाख रुपए से 12.5 लाख रुपए तक की आय पर 20 % कर देना होता है। करदाताओं को 12.5 लाख रुपए से 15 लाख रुपए के बीच आय पर 25 % और 15 लाख रुपए से ज्यादा इनकम पर 30 % कर देना होता है। करदाता इस बदलाव की मांग कर रहे हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री 3 साल तक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर राहत दे सकती हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। एफडी पर टैक्स से छूट मिल सकती है। मगर इसकी अवधि सीमित है। यह छूट केवल 2 वर्ष तक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर ही मिलने की संभावना है। इसलिए निवेश बढ़ने की संभावना है।

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