Thand Se Fasalo Ko Fayda : नवंबर माह में ही कड़ाके की ठंड से होगी गेहूं की बंपर पैदावार, ओंस से पौधों की मिलेगी एक्स्ट्रा ताकत, मौसम विभाग ने कहा-चलेगी शीतलहर

In the month of November itself, there will be a bumper yield of wheat due to the severe cold, the plants will get extra strength from the rain, the Meteorological Department said that there will be a cold wave.

Thand Se Fasalo Ko Fayda

▪️ लोकेश वर्मा, मलकापुर (बैतूल)

Thand Se Fasalo Ko Fayda : उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी (snowfall in north india) का असर बैतूल में भी देखने को मिल रहा है। गत दो-तीन दिनों से मौसम में सर्दी का अहसास बढ़ गया है। दिन में हल्की धूप का अहसास रहता है। वहीं शाम होने के साथ ही माहौल में ठंडक घुलनी शुरू हो जाती है। मौसम में परिवर्तन के साथ सर्दी का असर बढ़ा है। शाम ढलने के साथ ही ठंड का असर दिखना शुरू हो जाता है। शाम होते ही ठंड का असर बढ़ने से लोगों को कंबल और अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इधर मौसम विभाग ने कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को भी शीतलहर चलेगी।

सामान्य तौर पर जिला दिसम्बर महीने मे ठंड के आगोश मे होता है। लेकिन, इस बार नवंबर में ही बढ़ती ठंड से किसानों को गेहूं की बम्पर पैदावार का अनुमान है। किसान आशीष वर्मा ने बताया कि गेहूं मे अंकुर निकलने शुरू हो गए हैं। अब यूरिया भी मिल रहा है और ठंड भी बढ़ रही है। ये फसल के लिए फायदेमंद है। दिन में धूप भी तेज होती है। ऐसे में सिचाई करने से फसल अच्छी होगी। गेहूं के लिए ओस पड़ना भी आवश्यक है। इससे पौधों को ताकत मिलती है। अभी के समय में फसलों पर ओस की बूंदें जमने लगी है।

Thand Se Fasalo Ko Fayda

फसलों के लिए कम तापमान लाभप्रद | Thand Se Fasalo Ko Fayda

इधर कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में तापमान फसलों के अनुकूल है। तापमान में आई गिरावट का फायदा फसलों को भी मिलेगा। कई किसान फसलों की सिंचाई में लगे हैं। तापमान कम रहने पर जमीन में नमी बरकरार रहेगी और सिंचाई की आवश्यकता कम पड़ेगी। गेहूं की फसल कम तापमान में होने वाली है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहंू की फसल के लिए न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे होना चाहिए।

इन 5 जिलों में मंगलवार को भी चलेगी शीतलहर | Thand Se Fasalo Ko Fayda

मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 5 जिलों में मंगलवार को भी शीतलहर चलने की संभावना जताई है। यह ठंडी हवाएं तापमान में और भी कमी ला सकती है। बढ़ती हुई ठंड सेहत पर भी असर डाल सकता है। लिहाजा मौसम विभाग ने इससे बचाव के तरीके भी सुझाए हैं।

मौसम केंद्र भोपाल द्वारा सोमवार को जारी बुलेटिन में बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में जबलपुर, मलांजखंड, खजुराहो, खरगौन, खंडवा व बैतूल में शीतलहर का प्रभाव रहा। इसके साथ ही अगले 24 घंटों के लिए जारी चेतावनी में बताया गया है कि बैतूल, खरगौन, खंडवा, छतरपुर जिलों और जबलपुर संभाग के जिलों में शीतलहर चल सकती है।

प्रदेश में रविवार-सोमवार की रात में सबसे कम 8 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया, मलांजखंड, खजुराहो और बैतूल में दर्ज किया गया। बैतूल में पिछली 2 रातों से न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। वहीं शीतलहर के चलते दिन में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात में इतनी अधिक ठंड पड़ने लगी है कि लोग अलाव जलाने को मजबूर हो गए हैं। शीतलहर चलने की संभावना को देखते हुए तापमान में और गिरावट आने के आसार बने हुए हैं।

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बढ़ती ठंड का इन पर पड़ सकता असर

मौसम विभाग द्वारा जारी एडवायजरी में कहा गया है कि ठंडी हवाएं ठंड को और बढ़ा सकती है। इससे कमजोर लोगों के लिए हल्के स्वास्थ्य की चिंता है। खासतौर से शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों वाले लोगों पर बढ़ती ठंड का असर पड़ सकता है।

ठंड से बचाव के लिए दिए यह सुझाव

इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विभाग ने सुझाव दिया है कि अधिक समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें। ढीली, हल्के वजन व कई सतहों वाले गर्म ऊनी कपड़े पहनें तथा सिर, गर्दन और हाथों को अच्छे से ढंक कर रखें। वैसे भी ठंड के मौसम में सेहत का अतिरिक्त ख्याल रखना ही बेहतर है।

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