Khad Par Update: भरपूर है खाद पर सर्वर में खराबी से वितरण में आ रही परेशानी, किसान और सेल्समैन दोनों परेशान, पौने चार लाख हेक्टेयर में होना है बुआई

Betul News : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में रबी सीजन के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध है। इसके बावजूद किसानों को वह समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसान को खाद के लिए घंटों खड़े रहना पड़ रहा है तो कभी बैरंग लौटना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि खाद का वितरण पीओएस मशीन (pos machine) के माध्यम से हो रहा है। वहीं दूसरी ओर सर्वर में खराबी होने से वह अक्टूबर माह से चल नहीं रहा है। इससे किसानों के साथ ही खुद सहकारी समितियों के सेल्समैन भी परेशान हैं।

गुरुवार को जिले की समितियों और राशन दुकान के सेल्समैनों ने बैतूल कलेक्ट्रेट (Betul collectorate) पहुंचकर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्या अफसरों को सुनाई। सौंपे ज्ञापन में उन्होंने बताया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन एवं खाद वितरण पीओएस मशीन के द्वारा किया जा रहा है। माह अक्टूबर से निरन्तर सर्वर नहीं चल रहा है।

इस कारण खाद्यान्न एवं खाद वितरण में कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खाद्यान्न एवं खाद वितरण के समय उपभोक्ता तथा किसान को दुकान पर लम्बे समय तक इन्तजार करना होता है। जिससे उपभोक्ता एवं कर्मचारी के बीच कहा सुनी और विवाद की स्थिति बनती है।

वर्तमान में रबी सीजन का खाद वितरण का कार्य चल रहा है जिसमें किसानों को अपने साधन लेकर संस्था/गोदाम पर सर्वर नहीं चलने के कारण अत्यधिक इंतजार करना होता है। जिससे किसान असंतोष व्यक्त करता है। साथ ही किसान के द्वारा लाये गये वाहन (स्वयं का/किराये का) का भी किसान को आर्थिक बोझ सहन करना पड़ता है।

इस स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने मांग की है कि जिले में खाद्यान्न एवं खाद वितरण का कार्य या तो ऑफलाईन करवाया जाएं या सर्वर की समस्या का अतिशीघ्र निदान करवाया जाएं। जिससे समय पर उपभोक्ताओं एवं किसानों को खाद एवंं खाद्यान्न वितरण किया जा सकें।

जिले में यूरिया एवं डीएपी का इतना है भंडारण

इधर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास केपी भगत ने बताया कि इस वर्ष जिले में जिला प्रशासन की पहल पर पर्याप्त उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान समय तक जिले में 19463 मेट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। जिसमें से 13541 मेट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है एवं 5922 मेट्रिक टन यूरिया अभी शेष है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3191 मेट्रिक टन यूरिया का अधिक वितरण किया जा चुका है।

इसी तरह से डीएपी उर्वरक का कुल भंडारण 19996 मेट्रिक टन किया गया है, जिसमें से 10008 मेट्रिक टन डीएपी का वितरण किया गया है तथा वर्तमान में 9988 मेट्रिक टन डीएपी शेष है। साथ ही एनपीके उर्वरक का कुल भंडारण 500 मेट्रिक टन किया गया है, जिसमें से 240 मेट्रिक टन एनपीके का वितरण किया गया है तथा वर्तमान में 260 मेट्रिक टन एनपीके शेष हैं।

इस वर्ष रबी में बोनी का लक्ष्य 3 लाख 72.5 हजार हे. का है। जिसमें प्रमुख रूप से गेहूं 2 लाख 75 हजार हेक्टेयर में एवं चना 65 हजार हेक्टेयर में बोया जा रहा है।

 

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