Sugarcane New Variety: गन्‍ने की ये वैरायटी आधे खर्च पर एक एकड़ में देगी 55 टन पैदावार, पानी भी लगता है कम, जानें किस्‍म की अन्‍य खासियतें

Ganne Ki Unnat Kisme : किसानों की तकदीर बदल सकती है गन्‍ने की नई किस्‍में, कम लागत में सूखा और रोग का भी नहीं होता असर

Sugarcane New Variety :किसानों काेे यदि कम लागत में ज्‍यादा उत्‍पादन मिलें तो इससे अच्‍छी क्‍या बात होगी। हमारे वैज्ञानिक भी नई-नई खोज कर कुछ ऐसी किस्‍में तैयार करने में लगे है, जिससे किसानों की लागत कम कर अच्‍छी और क्‍वालिटी वाली फसल का उत्‍पादन हो सकें। गन्‍ने हमारे देश की प्रमुख फसलों में से एक है। मौसम की मार झेल रहे किसानों को राहत देते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने नई किस्‍म का इजात किया है। इससे किसान आधे खर्च और कम पानी में भी एक एकड़ से 55 टन पैदावार प्राप्‍त कर सकता है। आईए जानते है गन्ने की ज्यादा उपज देने वाली इस किस्म के बारे में…

प्रोजेक्ट के कृषि सलाहकार Sriram Paramasivam ने कहा कि केरल के मरयूर में पारंपरिक रूप से गन्ने की गुलियों का उपयोग करके सीओ-86032 किस्म की खेती की जाती रही है। लेकिन इस परीक्षण में पहली बार गन्ने की पौध-बीज का इस्तेमाल खेती के लिए किया गया है। तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों ने गन्ने की खेती के लिए एसएसआई विधि पहले ही लागू कर दी है। खेती की नई विधि का उद्देश्य कम लागत पर उपज बढ़ाना है।

Sugarcane New Variety: गन्‍ने की ये वैरायटी आधे खर्च पर एक एकड़ में देगी 55 टन पैदावार, पानी भी लगता है कम, जानें किस्‍म की अन्‍य खासियतें

Sugarcane New Variety: मरयूर के एक गन्ना किसान पीएन विजयन का कहना है कि परीक्षण में एकड़ भूमि से 55 टन गन्ना की पैदावार की गई है। सामान्य तौर या पारंपरिक खेती से ये उपज महज 40 टन होती है और इसके लिए किसानों को 30 हजार गन्ना की ठूंठों की आवश्यकता होती है। हालांकि, इस विधि में हमने केवल 5 हजार पौध से ही 55 टन गन्ना प्राप्त किया है। प्रति एकड़ गन्ने की उपज के लिए किसानों को 18 हजार रुपये के गन्ने के गुलियां लेनीी पड़ती हैं जबकि पौधे की लागत आधी लगभग 7.5 हजार रुपये से भी कम है।

Kerala-Marayoor और कंथलूर ग्राम पंचायत में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते आ रहे हैं। मरयूर का गुड़ अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। किसानों को उम्मीद है कि गन्ने की इस वैरायटी से उन्हें उनकी फसल पर लागत और मेहनत का उचित दाम मिल पाएगा।

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