Khad Par Update: इस साल खाद की पर्याप्त है उपलब्धता, कोई अधिक दाम लें या उर्वरक के साथ टेगिंग करके दें तो इस नंबर पर कर सकते हैं शिकायत

Khad Par Update:  बैतूल जिले में इस वर्ष पर्याप्त वर्षा होने के कारण कृषकों द्वारा बोनी का कार्य तेज गति से प्रारंभ किया गया है। इस वर्ष रबी में लक्ष्य 3 लाख 72.5 हजार हैक्टेयर का है। जिसमें प्रमुख रूप से गेहूं 2 लाख 75 हजार हेक्टेयर एवं चना 65 हजार हेक्टेयर में बोया जाना प्रस्तावित है।

उप संचालक कृषि केपी भगत से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष जिले में जिला प्रशासन की पहल पर पर्याप्त उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान समय तक जिले में 14436 मेट्रिक टन यूरिया का जिले में भंडारण किया गया है, जिसमें से 10638 मेट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है एवं 3086 मेट्रिक टन यूरिया अभी शेष है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 2152 मेट्रिक टन यूरिया का अधिक वितरण किया जा चुका है।

इसी प्रकार डीएपी एवं एनपीके काम्पलेक्स उर्वरकों का कुल भंडारण 15950 मेट्रिक टन किया गया है, जिसमें से 6650 मेट्रिक टन डीएपी का वितरण किया गया है। वर्तमान में 9300 मैट्रिक टन डीएपी शेष है। साथ ही एनपीके उर्वरक का कुल भंडारण 400 मैट्रिक टन किया गया है, जिसमें से 109 मैट्रिक टन एनपीके का वितरण किया गया है तथा वर्तमान में 291 मैटिक  टन एनपीके शेष है।

जिले में 3000 मैट्रिक टन यूरिया की एक अतिरिक्त रैक सोमवार को बैतूल पहुंच गई है। कृषकों से अपेक्षा की गई है कि वे उर्वरक खरीदते समय पीओएस मशीन का बिल अवश्य लें। साथ ही कोई भी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेता है एवं उर्वरक के साथ टेगिंग करके देता है तो उप संचालक कृषि के कार्यालय के मोबाइल नंबर 8889007086 पर कार्यालयीन समय में प्रात: 10 बजे से सायं 6 बजे तक अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। किसानों से अपील की गई है कि बोनी के समय आधार खाद के रूप में एनपीके एवं डीएपी उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग करें।

यूरिया की रेक प्राथमिकता से लगवाई जाएंगी : कलेक्टर

इधर कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि किसानों को यूरिया की उपलब्धता में कोई दिक्कत न हो, इस बात के दृष्टिगत रेल अधिकारियों से समन्वय कर जिले में आने वाली यूरिया की रेक प्राथमिकता से लगवाई जाएंगी। यूरिया की कालाबाजारी न हो, इसके लिए अधिकारियों को समूचे जिले में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker