छोटे से गांव की बेटी महिमा की बड़ी उपलब्धि : जापान में होने वाली प्रदर्शनी के लिए चयनित, नेत्रहीनों के लिए ब्रेल वोटिंग मशीन का बनाया मॉडल

Betul's daughter selected for Japan's international exhibitions

betul ki beti

MPCG News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के एक गांव की बेटी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस बेटी ने ब्रेल वोटिंग मशीन (braille voting machine) का मॉडल बनाया है। इससे नेत्रहीन मतदाता भी बिना किसी की मदद के वोटिंग कर सकेंगे। इस मॉडल को देश के बेस्ट मॉडल्स में चयनित किया गया है। जिससे यह बेटी जापान में नवम्बर माह में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी (International Exhibition in Japan) में शामिल होने चयनित कर ली गई है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Union Minister of Science and Technology Dr. Jitendra Singh) ने सम्मानित किया।

अपनी उपलब्धि से ना केवल गांव, समाज, जिले बल्कि प्रदेश तक का गौरव बढ़ाने वाली यह बेटी हैं प्रभातपट्टन निवासी उत्तम बनाइत की बिटिया महिमा बनाइत। श्री बनाइत, जवाहर नवोदय विद्यालय छत्तीसगढ़ में कार्यरत हैं। उनकी बिटिया जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) कवर्धा (छत्तीसगढ़) में कक्षा 10 वीं की छात्रा है। महिमा की इस उपलब्धि से लोन्हारे माली समाज भी बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा है। लोन्हारे माली समाज कल्याण समिति आठनेर ने महिमा और पूरे परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

महिमा बनाइत
महिमा बनाइत

महिमा के मॉडल में क्या है खास

छात्रा महिमा ने दिव्यांगों की वोटिंग मशीन (handicapped voting machine) का वर्किंग मॉडल तैयार किया है। कागज के पट्टे से तैयार किए गए इस वोटिंग मशीन (मॉडल) पर राजनीतिक दलों के नाम ब्रेल लिपि और उभरे हुए चिन्ह को स्पर्श कर के नेत्र दिव्यांग मतदाता खुद ही बटन दबा सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी की मदद नहीं लेनी पड़ेगी। छात्रा महिमा के इस नवाचार विचार (इनोवेशन आइडिया) को नेशनल इंस्पायर अवार्ड के लिए चयन किया गया था। इसके बाद दिल्ली के प्रगति मैदान में छात्रा के इस वर्किंग मॉडल को प्रदर्शनी में रखी गई, जहां विशेषज्ञों की टीम ने अवलोकन किया।

पहले टॉप 900 में हुआ था चयन

महिमा पहले लाखों प्रतियोगियों में टॉप 900 में चयनित हुई। इन 900 इनोवेशन में से अब 60 को चयनित किया गया है। इन प्रतिभाशाली बच्चों को जापान में प्रदर्शनी के लिए भेजा जाएगा। इस मशीन से दिव्यांगों में भी स्वतंत्रता और समानता की भावना लाई जा सकेगी।

महिमा बनाइत

घरों में उपलब्ध चीजों से ही मॉडल तैयार

प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट एसके बिसेन (Cartoonist SK Bisen) छात्रा महिमा के इनोवेशन गाइड टीचर हैं। वे बताते हैं कि छात्रा ने घरों में उपलब्ध चीजें जैसे छोटी बैटरी, मोटर, बीपर, बिजली के तार और कागज के पुढे का उपयोग कर दिव्यांगों की वोटिंग मशीन का डिजाइन तैयार किया है। इस मशीन में राजनीतिक दल का नाम ब्रेल लिपि में लिखा होगा (नेत्र दिव्यांगों के लिए) और पार्टी के उभरे हुए चिह्न (उनके लिए जो ब्रेल नहीं पढ़ सकते हैं) होगा। इससे नेत्रहीन मतदाता खुद ही वोट डाल सकेंगे।

मशीन को रखने के लिए विशेष टेबल भी

वोटिंग मशीन के साथ ही छात्रा ने एक विशेष तरह का टेबल भी डिजाइन किया है। इसे दिव्यांगों के लिए सुविधा अनुसार ऊपर या नीचे किया जा सके। इससे वोट डालने आए दिव्यांगों को दूसरों को मदद लेना नहीं पड़ेगा।

इस योजना के चलते मिली उपलब्धि

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने वर्ष 2010 से इंस्पायर्ड रिसर्च के लिए विज्ञान खोज में नवाचार योजना लागू की है। इंस्पायर अवार्ड का उद्देश्य छात्रों को विज्ञान को आगे बढ़ाने और अनुसंधान में कॅरियर बनाने के लिए 10 से 15 वर्ष आयु वर्ग में और कक्षा 6 से 10वीं में अध्ययन करने के लिए प्रेरित करना है।