School Fight Video: छात्रों में हुआ विवाद तो बाहरी लोगों ने स्कूल परिसर में पहुंच कर कर दी पिटाई, स्कूल प्रबंधन रहा नदारद, विद्यालय हैं या पहलवानी के अड्डे..?

There was a dispute among the students, outsiders reached the school premises and beat them up, the school management was absent, is the school or the wrestling base..?

School me marpit ka video| betulupdate

▪️ श्याम यादव, नांदा (भीमपुर)

बैतूल जिले में ना तो छात्रावासों का संचालन व्यवस्थित हो रहा है और ना ही स्कूलों का। छात्रावासों में कहीं डीजे की धुन पर पार्टियां हो रही हैं तो कहीं छात्राएं बीमार पड़ रही हैं और अधीक्षक कई-कई दिन तक छात्रावासों की ओर झांक कर भी नहीं देख रहे। अब स्कूलों से भी एक से बढ़कर एक कारनामे सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक कारनामा शुक्रवार को बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक के चांदू स्कूल से सामने आया है। इससे यह बात भी साफ हो रही है कि स्कूलों में भी व्यवस्था जैसी कोई बात ही नहीं है। वहीं यहां के छात्रावास के भी हाल बेहाल हैं। पहले हम जानते हैं कि इस स्कूल में हुआ क्या था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक शासकीय हायर सेकंडरी स्‍कूल चांदू में छात्रों के दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि छात्रों ने अपने परिजन एवं दोस्तों को फोन कर बुला लिया। इसके बाद स्‍कूल परिसर में काफी तादाद में लोग जमा हो गए और जमकर हाथापाई शुरू हो गई। काफी देर तक जब विवाद शांत नहीं हुआ तो किसी शिक्षक ने 100 डायल को फोन करके सूचना दी। इस दौरान बड़ी संख्‍या में ग्रामीण भी स्‍कूल परिसर में पहुंच गए थे। उन्होंने और पुलिस ने विवाद को शांत कराया गया। घटना का लगभग 3 मिनट का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें साफ तौर दिखाई दे रहा है कि किस तरह छात्रों के साथ मारपीट की जा रही है। हमला करने वाले छात्र और उसके साथी नाबालिग बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने आगे झगड़ा करने पर कार्रवाई की हिदायत दी है।

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बाहरी लोगों का लगा रहता है आवागमन

बताया जाता है कि चांदू के इस सरकारी स्‍कूल में हमेशा बाहरी लोग आते-जाते रहते है। मारपीट की इस घटना के बाद से यहां अध्‍ययनरत लगभग 650 बच्‍चों में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं उनके पालकों में भी स्‍कूल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि स्‍कूल में चार शासकीय शिक्षक और 8 अतिथि शिक्षक है। यह स्‍कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही चल रहा है। यहां पर हमेशा बाहरी लोग आकर हुड़दंग करते हैं, जिन्‍हें रोका नहीं जाता है। स्‍कूल परिसर में इस तरह की घटना होना शिक्षकों की लापरवाही है।

यहां देखें स्‍कूल में मारपीट का वीडियो… 

पूरे समय नदारद रहा स्कूल प्रबंधन

बताया जाता है कि आधा घंटे से ज्यादा समय तक यहां विवाद और बाहरी लोगों द्वारा मारपीट की जाती रही। इस दौरान स्कूल प्रबंधन नदारद रहा। किसी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने की जरूरत नहीं समझी। कहने को भले ही हर स्कूल में एक प्राचार्य या प्रभारी होता है, उसी के जिम्मे पूरे स्कूल की जिम्मेदारी होती है, पर यहां ना तो प्रभारी जिम्मेदारी निभाते नजर आए और न ही शिक्षक। जाहिर है कि या तो वे मौजूद ही नहीं थे या फिर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया। यह बेहद ही गैर जिम्मेदाराना रवैया कहा जा सकता है। ऐसे में स्कूल के बच्चों के साथ कोई भी घटना हो सकती है।

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स्कूलों में मिल रहे कैसे संस्कार

हर पालक अपने बच्चे को स्कूल में शिक्षित, संस्कारित, योग्य बनने के लिए भिजवाते हैं। लेकिन, जिले के स्कूलों में शिक्षक पता नहीं किस तरह के संस्कार दे रहे हैं कि स्कूल शिक्षा और संस्कारों की पाठशाला ना होकर पहलवानी का अड्डा बनते जा रहे हैं। स्कूलों की यह हालत देखकर अब प्रबुद्ध वर्ग तो यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि जिन शिक्षकों को अपने वेतन बढ़ाने और पुरानी पेंशन लागू करवाने की चिंता ही हमेशा चिंता सताती हैं वे बच्चों को क्या संस्कार दे पा रहे होंगे। स्कूलों के ऐसे घटनाक्रम इसी बात की पुष्टि भी कर रहे हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

छात्रावास की व्यवस्था की भी खुली पोल

इस घटनाक्रम ने चांदू स्थित छात्रावास की व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। घटना के बाद के एक वायरल हो रहे वीडियो में छात्र साफ कहता नजर आ रहा है कि अधीक्षक का एक-एक हफ्ते तक अता पता नहीं रहता। इस बीच चपरासी के भरोसे पूरा छात्रावास रहता है। चपरासी अपनी तानाशाही दिखाते हुए सारा काम बच्चों से कराता है। काम नहीं करने पर बच्चों से मारपीट तक करता है। आज सुबह भी मुझसे झाड़ू से मारपीट की थी। इससे यही साफ है कि अधिकारी शाहपुर के घटनाक्रम के बाद भी छात्रावासों की व्यवस्था जरा भी नहीं सुधार पाए हैं।

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