Lumpy skin disease : गोवंश में लंपी रोग फैलने का खतरा, पशु चिकित्सा विभाग ने की सजग रहने की अपील, कहा- लक्षण दिखते ही दें सूचना

Danger of spreading lumpy disease in cattle, Veterinary Department appealed to be alert, said- give information as soon as symptoms appear

Lumpy skin disease

Lumpy skin disease: बैतूल। (Betul Update) उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं (Deputy Director Veterinary Services) डाॅ. विजय पाटिल ने बताया कि गौवंशीय पशुओं में फैलने वाला लम्पी स्किन डिसीज (Lumpy skin disease) विषाणु जनित रोग है। सामान्यतः यह बीमारी एक पशु से दूसरे पशु में मच्छर, काटने वाली मक्खी, किलनी, जुएँ या अन्य बाह्य परजीवियों के काटने से फैलती है। इसके अतिरिक्त यह संक्रमित पशुओं की लार, दूषित जल एवं चारे से भी फैलती है। इस रोग की शुरुआत में पशु को बुखार आता है।

इसके पश्चात पूरे शरीर की त्वचा पर गठानें बन जाती है। यह गठानें गोल उभरी हुई होती हैं। कुछ गठानें घाव में भी बदल जाती हैं। आँख और नाक से पानी आता है। साथ ही दुग्ध उत्पादकता में कमी, गर्भपात और कभी-कभी पशु की मृत्यु भी हो जाती है। पशु को स्वस्थ होने में 2-3 सप्ताह का समय लगता है किन्तु दुग्ध उत्पादकता में कमी कई सप्ताह तक बनी रहती है। विभाग द्वारा समस्त रोगी पशुओं का उपचार नियमित रुप से किया जा रहा है। रोग के प्रसार को रोकने के लिए विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों के चारों ओर के ग्रामों में रिंग वेक्सीनेशन (ring vaccination) (टीकाकरण) किया जा रहा है।

पशुपालकों से अपील की गई है कि वे संक्रमित पशुओं का उपचार करावें। स्वस्थ पशुओं को प्रभावित पशुओं से अलग रखें। पशुओं का टीकाकरण करवायें। पशुओं को रखने के स्थान की साफ सफाई रखें। उचित उपाय कर मच्छर, मक्खी, किलनी आदि बाह्य परजीवियों पर नियंत्रण रखें। इसके अलावा लम्पी स्किन डिसीज के लक्षण किसी भी पशु में दिखने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय में सूचना दें।