monsoon session of mp assembly : मप्र विधानसभा का मानसून सत्र 13 से, इस बार अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं करेगी कांग्रेस, नहीं दी गई लिखित सूचना

Monsoon session of MP assembly from 13, Congress will not present no confidence motion this time, written information not given

भोपाल (एमपीपोस्ट)। मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) का मानसून सत्र (monsoon session) मंगलवार, 13 सितंबर 2022 से शुरू होकर 17 सितंबर 2022 तक चलेगा। मध्यप्रदेश की पंचदश विधानसभा का यह सत्र पहले 25 जुलाई 2022 से शुरू होने वाला था। सत्र की तिथियों में परिवर्तन के संबंध में मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव (Principal Secretary of Legislative Assembly) एपी सिंह ने 18 जुलाई 2022 को अधिसूचना जारी कर दी थी।

इस बार भी मानसून सत्र 5 दिन के लिए बुलाया गया है। बताया जाता है कि नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने भी मानसून सत्र को आगे बढ़ाने की मांग की थी। सत्ता पक्ष से बनी सहमति होने के बाद सत्र आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। मध्यप्रदेश विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी की तरफ से 13 सितंबर से प्रारंभ होने बाले सत्र में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्री-परिषद में अविश्वास का प्रस्ताव (motion of no confidence) प्रस्तुत करने की चर्चा थी। कांग्रेस के कुछ विधायकों ने सरकार को घेरने के लिए मुद्दे भी तैयार करना शुरू कर दिया था। लेकिन, ऐसा आज तक नहीं हो सका है।

एमपीपोस्ट को मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी की तरफ से आज दिनांक तक प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश विधानसभा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्री-परिषद में अविश्वास का प्रस्ताव की सूचना लिखित में नहीं दी गई। मध्यप्रदेश विधानसभा प्रक्रिया तथा कार्य संचानल संबंधी नियम के नियम 143 (1) के तहत सत्र के चालू होने से 10 दिन पूर्व मंत्री-परिषद में अविश्वास का प्रस्ताव की सूचना लिखित में देना होती है, जो नहीं दी गई है। वैसे भी प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश विधानसभा पिछले 15 दिनों से अवकाश पर हैं।

ऐसे में कांग्रेस पार्टी शीतकालीन सत्र (winter session) में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) के मंत्री-परिषद में अविश्वास का प्रस्ताव पेश करेगी। ऐसा कांग्रेस के विधायकों और जिम्मेदार लोगों का कहना है। संसदीय मामलों के जानकारों का मत है कि सामान्यत: जब सत्र में वित्तीय कार्य के अंतर्गत अनुदानों की मांगें पारित होती हैं तब सदन के सदस्यों को अपने विषय रखने का अवसर मिलता है। इस दौरान मत-विभाजन भी होता है और सरकार की मांगें गिर जाती हैं, मतलब सरकार भी गिर सकती है। इसलिए अविश्वास का प्रस्ताव पेश करने से सदस्य बचते हैं।

मध्यप्रदेश विधानसभा का 13 सितंबर से प्रारंभ होने बाले सत्र में मध्यप्रदेश सरकार अपना प्रथम अनुपूरक पेश करेगी। नाबालिग से बलात्कार करने वालों, गैंगरेप के दोषियों, आतंकियों और नशीले पदार्थों के अवैध व्यवसाय में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों को आखिरी सांस तक कारावास में रखे जाने के अलावा एंटी गैबलिंग एक्ट (ऑन लाइन गैम्बलिंग के विरूद्ध प्रावधान के साथ) ही पब्लिक सैफ्टी एक्ट और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े विषय सरकार सदन में रख सकती है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न अधिनियमों में आजीवन कारावास से दंडित बंदियों की रिहाई की अवधि की प्रस्तावित नीति-2022 पर हाल ही में चर्चा की है। इसके साथ ही अन्य विधायी कार्य भी संपादित होंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)के 17 सितम्बर 2022 को मध्यप्रदेश दौरे के चलते सत्र की कार्यवाही नियत समय से पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित (postponed indefinitely) हो सकती है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.