hatya ka khulasa : चाचा पर था जादू-टोने का संदेह, इसलिए भतीजों ने उतार दिया मौत के घाट; पति-पत्नी की हत्या का भी खुलासा

Uncle was suspected of witchcraft, so nephews put him to death; also revealed the murder of husband and wife

▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
हाल ही में बैतूल जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र के रेणुकाखापा में पति-पत्नी और शाहपुर थाना क्षेत्र के निशाना में युवक की हत्या हुई थी। इन दोनों ही मामलों का खुलासा हो गया है। पति-पत्नी की हत्या मेढ़ पर मवेशी चराने को लेकर पड़ोसी खेत मालिक और उसके बेटे ने की थी। वहीं युवक की हत्या जादू-टोने के संदेह पर उसके दो भतीजों ने की थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

भैंसदेही एसडीओपी शिवचरण बोहित ने बताया कि 9 अगस्त को भगवंतराव इवने और उसकी पत्नी कमलाबाई की हत्या कर दी गई थी। भगवंतराव का शव उसके खेत के पास नाले में पड़ा मिला था। कमलाबाई का शव खेत में पड़ा मिला था। दोनों के शरीर पर धारदार हथियारों की गंभीर और मूंदी चोटें थी।

प्रकरण में नामजद संदेही वासु धुर्वे पिता ओझा धुर्वे एवं उसके नाबलिग पुत्र ने गहन पूछताछ पर भगवंतराव एवं उसकी पत्नी कमलाबाई की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि मृतक की पत्नी मृतिका कमलाबाई खेत की मेड़ पर मवेशी चरा रही थी। इस बात पर झगड़ा हुआ था। इसके बाद आरोपी वासु धुर्वे एवं उसके विधि विरुद्ध बालक द्वारा धारदार चाकू एवं डण्डे से मारपीट कर भगवंतराव एवं उसकी पत्नी की हत्या कर दी थी।

आज आरोपी वासु धुर्वे एवं उसके विधि विरुद्ध बालक को विधिवत गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त चाकू एवं डण्डा जब्त कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक सतीश कुमार अंधवान, उपनिरीक्षक जीएस मण्डलोई, एएसआई हरिनारायण यादव, प्रधान आरक्षक अजय भल्लावी, आरक्षक उज्जवल, छोटेलाल, मनोज, राजू उइके, सुधाकर, विनोद अस्तरे एवं महिला आरक्षक प्रिया, चालक आरक्षक सतीश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

भतीजों को संदेह था कि चाचा जादू-टोना करता है

इधर शाहपुर पुलिस ने बताया कि विगत 11 अगस्त को थाना शाहपुर में सूचना प्राप्त हुई कि कैलाश पिता सुखलाल परपची उम्र 35 वर्ष निवासी निशाना पिछली रात से लापता है। जिसकी स्कूटी (एक्टिवा) सेमल पुलिया के पास पड़ी मिली है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। खोजबीन करने पर कैलाश परपची का शव नाले में मिला। थाना शाहपुर में अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।

मामले के संदिग्धों से पूछताछ की गई। गहन पूछताछ करने पर मृतक कैलाश परपची के भतीजे शिवकुमार पिता ज्ञानी परपची उम्र 22 वर्ष एवं 17 वर्ष वर्षीय नाबालिग दोनों निवासी निशाना ने अपना जुर्म स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि दोनों को यह शक था कि उनका चाचा कैलाश परपची उनके उपर जादू टोना करता है। जिससे उनके घर में सब बीमार पड़ रहे हैं एवं फसल खराब हो रही है। इससे उनके मन में गुस्सा था।

झाड़ियों में छिपकर किया इंतजार

10 अगस्त को रात करीब 10 बजे उन दोनों ने देखा कि उनका चाचा कैलाश स्कूटी से खेत जा रहा है। वो दोनों सेमल पुलिया निशाना के पास छिप गए और कैलाश के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही कैलाश वहां आया, उन्होंने डंडे से उसके सिर पर वार किया और उसे पुलिया के नीचे फेंक कर खुद भी कूदे और उसका गला दबाया। जब वह हिल डुल नहीं रहा था तो उसे पानी में छोड़कर और स्कूटी एक्टिवा को पुलिया के नीचे फेंक कर अपने घर चले गए।

आरोपियों को किया कोर्ट में पेश

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त मामले में उप निरीक्षक एनके पाल, एएसआई शेरसिंह परते, नरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक नंदन वट्टी, आरक्षक प्रवेश, दिनेश, विनय, जातिराम की मुख्य भूमिका रही। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी का माहौल था।