check dam foota : एक और चेकडैम फूटा, एक साल पहले ही दस लाख से ज्यादा की लागत से हुआ था निर्माण, गुणवत्ता की फिर खुली पोल

Another check dam burst, a year ago it was constructed at a cost of more than one million, the quality again opened pole

▪️ निखिल सोनी, आठनेर
check dam foota : इस बार बारिश का मौसम आरईएस विभाग की कार्यप्रणाली की पूरी तरह पोल खोलने पर आमादा नजर आ रही है। बारिश होने पर जिले में आरईएस द्वारा बनाए गए चेकडैम एक-एक कर फूटते जा रहे हैं। आरईएस की कार्यप्रणाली और उसके द्वारा कराए गए कार्यों में गुणवत्ता का स्तर बताते हुए एक और चेकडैम फूट गया है। यह डैम भी एक साल पहले ही 10 लाख से ज्यादा की लागत में बना था।

जानकारी के अनुसार आठनेर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयलारी के भीभापुर गांव में जयोतो कोल में यह चेकडैम बना था। वर्ष 2020-21 में बनाया गया यह चेकडैम फूट कर पूरी तरह बह गया है। बताते हैं कि इस डैम का निर्माण 10 लाख से अधिक की लागत से किया था। कोरोना काल में मनरेगा के तहत बने इस चेकडैम की निर्माण एजेंसी पंचायत थी, जबकि पूरा काम आरईएस के तकनीकी अमले के मार्गदर्शन में हुआ था। डैम फूटने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग ने क्या मॉनीटरिंग की और किस तरह का तकनीकी मार्गदर्शन देकर यह कार्य कराया है। इस साल इसके अलावा भी कई चेकडैम जिले में फूट चुके हैं।

किसानों की फसल को भारी नुकसान

यह चेकडैम फूटने के कारण डैम से सटे किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। डैम से लगे किसान विजय पटेल के खेत की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसके अलावा अन्य किसानों की फसल भी तबाह हुई है। बताया जाता है कि 5 से अधिक किसानों की फसल को डैम फूटने से बहे पानी ने खासा नुकसान पहुंचाया है। डैम फूटने की सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत के संरपच रमेश उईके और सचिव रामदास बारपेटे नुकसान की जांच करने पहुंचे थे।

एसडीओ-उपयंत्री ने नहीं उठाया फोन

इस संबंध में विभाग का पक्ष जानने के लिए आरईएस विभाग के एसडीओ और उपयंत्री को फोन किया गया। लेकिन, उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया, जिससे उनका पक्ष नहीं जाना जा सका। इधर जनपद पंचायत आठनेर के सीईओ केपी राजोदिया ने कहा कि अभी उन्हें चेकडैम फूटने की जानकारी नहीं है। सूचना मिलने पर तकनीकी अमले को भिजवाकर मामले की जांच कराई जाएगी।