Alert : भारी बारिश से बरेठा घाट में धंसक रहा हाईवे, सफ़र करते समय सावधानी बरतना जरुरी, विशेष अनुमति मिलने पर शुरू हुई मरम्मत

Due to heavy rain, the highway was submerged in Baretha Ghat, it is necessary to be careful while traveling, repairs started after getting special permission

▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
the sinking highway : यदि आप बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे 69 (National Highway 69) से सफर कर रहे हैं तो थोड़ी सावधानी रखें। हाईवे के बरेठा घाट में तेज बारिश के कारण कई जगह से सड़क धंसक रही है। पहाड़ से तेज पानी सड़क पर आ रहा है और खाई में गिरने के कारण कटाव होता जा रहा है। इस हिस्से में उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका के बाद हाईवे के निर्माण पर रोक लगाई गई है। इस कारण तीन माह से काम बंद है।

वर्षा काल में बैतूल-भोपाल का संपर्क बंद न हो, इस कारण एनएचआई के रीजनल ऑफिसर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, टेक्नीकल मैनेजर समेत कंसल्टेंट कम्पनी के टीम लीडर ने हाइवे निर्माण करने वाली कम्पनी लांगजिन जितेंद्र सिंह को क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का लिखित आदेश जारी किया है। इसके बाद ठेका कम्पनी द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों के पास एक ओर से आवागमन हो इसके लिए पत्थर रखे जा रहे हैं। सड़क के जिन हिस्सों में कटाव हो रहा है वहां पर मुरम-पत्थर भरने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। नीचे दी गई लिंक पर क्लिक कर देखें धंसक रहे हाईवे का दृश्य…

https://youtube.com/shorts/q08gtdKGO7A?feature=share

एनएचआई द्वारा दिए गए आदेश पर रात और दिन मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। सड़क के गड्ढों को भी तत्काल प्रभाव से भरा जाएगा ताकि आवागमन में कोई परेशानी ना आ सके। दरअसल मार्च में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सतपुड़ा-मेलघाट टाइगर कॉरिडोर के बीच से बैतूल-ओबेदुल्लागंज नेशनल हाईवे-69 के निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या उन्होंने हाईवे बनाने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की अनुमति ली है? अगर नहीं ली है तो क्यों?

हाईकोर्ट ने अमरावती निवासी एडविट किओले की याचिका में कहा है कि बैतूल-औबेदुल्लागंज के बीच नेशनल हाईवे-69 बन रहा है। यह हाईवे महाराष्ट्र के मेलघाट और मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरता है। यह दोनों ही टाइगर रिजर्व हैं, जो देश के 32 टाइगर कॉरिडोर में शामिल हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाघ और अन्य वन्यजीव हैं। अगर हाईवे बना तो वन्य जीवन खतरे में पड़ सकता है। टाइगर कॉरिडोर में सड़क बनाने के लिए NTCA की अनुमति आवश्यक है। इससे अनुमति लिए बिना ही NHAI ने सड़क पर काम शुरू कर दिया है। बडी संख्या में पेड़ों की कटाई हो रही है। इसके बाद काम बंद कराया गया है।

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