election duty : संविदा कर्मचारियों को भी मतदान दल में किया जा सकेगा शामिल, चुनाव ड्यूटी लगने पर महिला कर्मचारियों को मिलेगी यह विशेष छूट

Contract employees can also be included in the polling party, women employees will get this special exemption on election duty.

• उत्तम मालवीय, बैतूल
यदि जिलों में राज्य शासन के कर्मचारियों से मतदान दलों की पूर्ति नहीं हो पा रही हो तो अपवाद स्वरूप केन्द्र शासन, बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों/अधिकारियों को मतदान दलों में सम्मिलित किया जा सकता है। शासकीय कर्मचारियों की कमी होने की स्थिति में मतदान दलों में 3 वर्ष से अधिक सेवा पूरी करने वाले संविदा कर्मियों को भी सम्मिलित किया जा सकेगा।

मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए यह निर्देश भी दिए कि संविदाकर्मी को पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी क्रमांक 1 पद पर नियुक्त न करें। क्योंकि पीठासीन अधिकारी की अनुपस्थिति में मतदान अधिकारी क्रमांक 1 ही पीठासीन अधिकारियों के दायित्वों की पूर्ति करता है। संविदा कर्मियों को मतदान अधिकारी क्रमांक 2 तथा 3 एवं 4 के पद पर मतदान दल में सम्मिलित किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें… holiday canceled : शिक्षकों की गर्मी की छुट्टी रद्द, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, पंचायत चुनाव के चलते उठाया कदम

यदि पुरुष कर्मचारियों की कमी की वजह से महिला कर्मचारी की नियुक्ति करना आवश्यक हो तो कम से कम 2 महिला कर्मचारियों को मतदान दल में रखा जाए। महिला मतदान अधिकारी की ड्यूटी उसी विकासखण्ड में लगायी जाये, जिसमें वह कार्यरत है। ऐसी महिला मतदान अधिकारी को मतदान की पूर्व संध्या से ही मतदान केन्द्र में उपस्थित रहने की अनिवार्यता से छूट देते हुए मतदान प्रारंभ होने के 1 घंटा पूर्व मतदान केन्द्र पर उपस्थित होने की अनुमति दी जाये।

यह भी पढ़ें… पंचायत चुनाव का ऐलान : प्रदेश में 25 जून, एक जुलाई और 8 जुलाई को होगा मतदान

अत्यावश्यक सेवाओं जैसे लोक-स्वास्थ्य, जल-प्रदाय, परिवहन, दुग्ध-प्रदाय, वाणिज्यिक कर, आबकारी पंजीयन एवं मुद्रांक तथा विद्युत प्रदाय में संलग्न फील्ड स्तर के अधिकारियों/कर्मचारियों को मतदान दलों में सम्मिलित नहीं किया जाये। इन विभागों के उन कर्मचारियों की निर्वाचन में ड्यूटी लगायी जा सकती है, जो कार्यालय में कार्य करते हैं। न्यायिक सेवा के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त रखा गया है। अत: उनकी ड्यूटी निर्वाचन में नहीं लगायी जाये। किसी विकासखंड में पदस्थ किसी अधिकारी/कर्मचारी को उसी विकासखंड के किसी मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी के तौर पर नियुक्त न किया जाये। कोई भी अधिकारी/कर्मचारी जो किसी विकासखंड का मूल निवासी हो उसे, उस विकासखंड में आने वाले किसी मतदान केन्द्र में पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी के रूप में नियुक्त न किया जाये।

यह भी पढ़ें… Ward Reservation : बैतूल जिले की सभी 10 जनपद पंचायतों के अध्यक्षों और सदस्यों के आरक्षण की यह रही स्थिति, देखें विस्तृत सूची…

श्री सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे कर्मचारी जिनकी सेवानिवृत्ति में 6 माह या उससे कम समयावधि शेष हो, उन्हें मतदान दल में शामिल नहीं किया जाये। ऐसे कर्मचारियों से निर्वाचन सम्बंधी अन्य कार्य कराये जा सकते हैं। दिव्यांग/निशक्त कर्मचारियों को मतदान दल में शामिल न किया जाये। ऐसे कर्मचारियों से निर्वाचन संबंधी अन्य कार्य कराया जा सकता है।

यह भी पढ़ें… Panchayat and urban body elections : भाजपा ने पंचायत व निकाय चुनाव समन्वय और संचालन समितियां बनाई, पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

निर्वाचन के पश्चात प्रत्येक मतदान केन्द्र पर ही पंच/सरपंच पद के मतों की गणना का कार्य ‘आपवादिक मामलों को छोड़ कर’ किया जायेगा। यह कार्य पीठासीन अधिकारी के पर्यवेक्षण तथा निर्देशन में मतदान अधिकारियों द्वारा किया जायेगा। पीठासीन अधिकारी का चयन वरिष्ठता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए सावधानी पूर्वक किया जाना चाहिए, ताकि वह मतदान तथा मतगणना के समय महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य को निर्भीकता, विश्वास और दक्षता के साथ सम्पन्न कर सके। यदि जिलों में मतदान दल की कमी हो तो जिले के कलेक्टर अपने संभागीय आयुक्त से समीप के जिलों से मतदान दल उपलब्ध कराने के लिए निवेदन कर आयोग को सूचित कर सकते हैं।

दुकानों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को मतदान के लिए मिलेगा अवकाश

मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2022 हेतु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान तीन चरणों में 25 जून, एक जुलाई एवं 08 जुलाई 2022 को होगा। मध्य प्रदेश राज्यनिर्वाचन आयोग द्वारा मताधिकार का उपयोग करने हेतु दुकानों, प्रतिष्ठानों/संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को समुचित सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें… Reservation : अनारक्षित हुई बैतूल जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट, अब जमकर होगा घमासान ; यहां देखें प्रदेश की सभी जिला पंचायतों की क्या रही स्थिति

जारी निर्देश के अनुसार यदि पंचायत क्षेत्र में उद्योग/कारखाने/व्यापारिक प्रष्ठिान/दुकानें स्थित हों तो उनमें कार्य करने वाले मतदाताओं को मतदान का अवसर देने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें मतदान में भाग लेने का अवसर देने के लिए संबंधित संस्थाओं/कारखानों द्वारा संबंधित क्षेत्रों में मतदान की तारीख के दिन साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसा अवकाश प्रतिस्थापित साप्ताहिक अवकाश माना जा सकता है। दुकानों एवं वाणिज्यिक संस्थाओं में मध्य प्रदेश दुकान एवं संस्थान अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित दिन छुट्टी/अवकाश न रखकर उसके स्थान पर मतदान के दिन छुट्टी/अवकाश दिया जाएगा।

शासकीय कर्मचारियों को वोट डालने दी जाएगी छुट्टी

मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2022 हेतु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान तीन चरणों में 25 जून, एक जुलाई एवं 08 जुलाई 2022 को होगा। त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2022 हेतु जहां निर्वाचन संपन्न होना है, संबंधित पंचायतों एवं निर्वाचन क्षेत्रों में निवास करने वाले शासकीय/अर्ध शासकीय/शासकीय निगमों के कर्मचारियों/अधिकारियों को सामान्य अवकाश तथा पराक्रम्य लिखित अधिनियम (निगोशिएबल इन्स्ट्रमेंट्स एक्ट) 1881 (1881 का क्रमांक 26) की धारा-25 के अंतर्गत मतदान के दिन एक दिन का सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

यह भी पढ़ें… ZP ward reservation : बैतूल जिला पंचायत के 23 में से 12 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, 9 वार्ड अनारक्षित, देखें कहां, कौन लड़ सकते हैं चुनाव

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.