Machna River Rejuvenation : माचना नदी को संजोने और संवारने एसबीआई ने हाथ बढ़ाया, लगवाएगा हजारों पौधे, पर्यावरण दिवस पर किया शुभारंभ

Machna River Rejuvenation: SBI extends hand to nurture and beautify Machna River, will get thousands of saplings planted, launched on Environment Day

• उत्तम मालवीय, बैतूल
Machna River Rejuvenation : माचना नदी बैतूल शहर की लाइफ लाइन है। प्रकृति, पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए संकल्पित ग्रीन टाइगर्स संस्था माचना नदी के पुनर्जीवन के लिए कार्य कर रही है। इस संस्था को अब एसबीआई जैसा सशक्त सहयोगी भी इस पुण्य कार्य के लिए मिल गया है।

आज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर एसबीआई बैतूल के क्षेत्रीय प्रबंधक महेन्द्र सोलंकी ओर स्टाफ द्वारा 11 जामुन के पौधों का रोपण किया। इसके साथ ही माचना पुनर्जीवन के लिए हजारों पौधों का रोपण करने के संकल्प का शुभारंभ किया। बैंक स्टाफ और ग्रीन टाइगर्स के सदस्यों द्वारा आयरन ट्री गार्ड लगाकर फलदार पौधों को सुरक्षित किया गया।

लगातार 1 वर्ष तक माचना नदी पुनर्जीवन के लिए बैंक संस्था को सहयोग करेगी। भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार करती रहेगी। जिससे बैतूल जिले की सबसे लंबी नदी जलदायिनी, जीवनदायिनी माँ माचना को संरक्षित करने के प्रयास किये जा सके।

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ग्रीन टाइगर्स संस्था के तरुण वैद्य ने बताया कि माचना नदी के उद्गम स्थल से अभियान बरसाली, काजी जामठी, लाखापुर, बाजपुर, मलकापुर बैतूल और आगे तक चलता रहेगा। जिसमे नदी स्वच्छता के साथ-साथ जामुन, अर्जुन, गुलहर, नीम, पीपल, बड़, करंजी, रीठा जैसे जल शुद्धिकरण में सहायक और फलदार पौधों का रोपण ग्रामीण क्षेत्रों में नदी किनारे किया जावेगा। इस सत्र में संस्था का लक्ष्य 21000 पौधों को माचना नदी किनारे रोपित करना है। ग्रीन टाइगर्स संस्था ने सभी बैतूलवासियों से भी निवेदन किया है कि इस अभियान में आप भी बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दें।

कविता : पर्यावरण से ना खिलवाड़ करो
ना दहाड़ करो, ना चिंघाड़ करो
ना तहस-नहस पहाड़ करो।
पानी ना यूँ ही व्यर्थ उलीचो
नदी-नालों से ना धोबी-पछाड़ करो।

पर्यावरण से ना छेड़छाड़ करो
धरती की ना चीरफाड़ करो।
अंधाधुंध ना वृक्षों को काटो
वनों का ना यूँ उजाड़ करो।

प्रकृति से ना बिगाड़ करो
जीवन से ना खिलवाड़ करो।
जीव-जंतुओं को ना चुन-चुन के मारो
बेगुनाहों से ना मारधाड़ करो।

स्नेह की थोड़ी आड़ करो
पौधे पालो, उन्हें झाड़ करो।
जल,जीव और जीवन बचाओ
पर्यावरण से खूब लाड़ करो।
🌳🌏🌞🌊🌁⛅🐆🐠🐥

कविता : ‘प’ से पर्यावरण

(विश्व पर्यावरण दिवस)

पशु, पक्षी, प्राणी, प्राणिज, पवन, पर्वत, परत, पठार।

पानी, प्रपात, पोखर, पुष्कर, पयस्विनी, पारावार।

पृथ्वी, पिंड, पावस, प्रकाश, पर्यावरण परिवार।

परमाण्विक परीक्षण, प्लास्टिक पर प्रतिबन्ध, प्रहार।

प्रदूषण प्रतिषेध, प्रक्रम, प्रक्रिया, पुख्ता प्रतिकार।

पादप प्रश्रय, पौधरोपण, पद्धति, प्रतिबद्धता, प्रसार।

प्रकृति, पारिस्थितिकी, पर्यावरण प्रबन्धन, प्रचुर प्रचार।

प्रायश्चित, प्रण, प्रतिज्ञा, प्रयास, पूर्वोपाय, ‘ओम’ प्राणाधार।

ओमप्रकाश चोरमा

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