बैतूल के पत्रकारिता जगत में किया परिधि मासिक ने प्रवेश, स्थापना दिवस को समर्पित किया प्रवेशांक

Perimeter Monthly entered the journalism world of Betul, dedicated its entry on the foundation day

बैतूल। जिले में पिछले 21 वर्षों में राष्ट्रीय, प्रादेशिक एवं स्थानीय अखबारों में सेवाएं दे चुकी एवं वर्तमान में दैनिक सांध्य सांझवीर टाईम्स की उपसंपादक गौरी बालापुरे पदम के मासिक समाचार पत्र परिधि का विमोचन 28 मई को गरिमामय कार्यक्रम में किया गया। मुख्य अतिथि सांसद डीडी उईके, विशेष अतिथि पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल, वरिष्ठ पत्रकार नवनीत गर्ग, अनिल सिंह ठाकुर, सुनील द्विवेदी, विचारक एवं चिंतक प्रवीण गुगनानी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा की मौजूदगी में मासिक समाचार पत्र परिधि का विमोचन किया गया। समाचार पत्र का प्रवेशांक बैतूल जिले के दो सौ वर्ष पूरे होने पर गौरव दिवस 15 मई को समर्पित किया गया। सरस्वती पूजन के साथ अतिथियों द्वारा कार्यक्रम की गरिमामय शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार पंकज सोनी, अकील अहमद, राजेश भाटिया, संजय पप्पी शुक्ला, जवाहर विवेक शुक्ला, नागरिक बैंक के अध्यक्ष अतीत पंवार, समाजसेवी हेमंतचन्द्र बबलु दुबे, डॉ ममता श्रीवास्तव, सीए प्रदीप खण्डेलवाल, समाजसेवी परमजीत सिंह बग्गा, धीरज बोथरा, हेमन्त पगारिया, मनोज विश्वकर्मा आमला, डॉ दीप साहू, दीपू सलूजा, कवियित्री एवं देवकी पदम, कावेरी झगेकर, नितिन वागद्रे, वंशिका सोनी, प्रज्ञा झगेकर लेखिका गुंजन खण्डेलवाल, भास्कर मगरदे, प्रभा वागद्रे, धीरू शर्मा, राज कवड़कर सहित बड़ी संख्या में महिला कुन्बी समाज, रजक समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार रिशु नायडू ने और आभार समाजसेवी मनीष दीक्षित ने व्यक्त किया।

पत्रकार को आत्मचिंतक होना जरुरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद डीडी उईके ने कहा कि परिधि के माध्मय से हमारी बहनों को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने, स्थापित होने और बढ़ चढ़कर काम करने के निमित्त गौरी प्रेरक बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि किसी के दिल और दिमाग में कोई बात पहुंचानी है तो विचारों की परिपक्वता जरुरी है। उसकी भावनाएं निश्चत और पवित्र होना जरुरी है। स्वार्थवश लेखन करते हैं तो उसका सार्थक प्रभाव लोगों तक नहीं पहुंच पाता। इन दिनों समाचार पत्रों में लंगडी-लूली खबरे रहती है। उसमें विषयों का समग्र प्रतिपादन नहीं हो पाता। जो हमारे भीतर है वह बाहर बिखरा हुआ है। पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यक्ति को आत्मचिंतक तो होना ही चाहिए। इसके बिना प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ की जो कल्पना की गई है वह अधूरी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में किसी मासिक पत्रिका या समाचार पत्र का निकालना एक साहसिक कार्य है। गौरी लगातार कई वर्षों से लिखती रही और जहां भी रही उन्होंने अपनी उपस्थिति का अहसास कराया। मासिक पत्रिका का जो बीड़ा गौरी उठाया है उसमें सफलता मिले। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले समय बैतूल के लोगों के लिए चाहे राजनैतिक हो सामाजिक हो या प्रशासनिक परिधि उनका प्रतिबिम्ब बनेगी। इस दौरान चिंतक एवं विचारक प्रवीण गुगनानी ने कहा कि स्थानीय समाचार पत्रों के कारण पूरे देश में बैतूल ग्रामीण पत्रकारिता की पाठशाला बन गया है। स्थानीय समाचार पत्र का प्रकाशन कोई सरल काम नहीं है, यह बड़ा ही दुष्कर है, लेकिन जिले में इस श्रमसाध्य कार्य को बड़ी ही सरलता ओर सहजता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मासिक समाचार पत्र परिधि कीर्तिमान स्थापित करे, सामाज और संस्कृति के क्षेत्र में नई बातों को उजागर करे।
वरिष्ठ पत्रकारों ने दी शुभकामनाएं
जिले के वरिष्ठ पत्रकार नवनीत गर्ग ने भी विमोचन कार्यक्रम में कहा कि पत्रकारिता का एक जमाना ऐसा भी था जब इंटरनेट, फेसबुक, वाट्सएप जैसी सुविधाएं नहीं थी। बस से फोटो और समाचार के लिफाफे भोपाल भेजे जाते थे, पेपर भी भोपाल में छपता था। जो मेहतन का काम था और उस समय पत्रकारों की संख्या भी उंगलियों पर गनने जितनी थी। धीरे-धीरे इंटरनेट का आ गया। समाचार लेखन से अखबार का प्रकाशन आसान तो हो लेकिन आज भी सच यही है कि जो मेहनत करते है वही टिकते है। गौरी उन्हीं में से एक है। वरिष्ठ पत्रकार सुनील द्विवेदी ने कहा कि परिधि और गौरी बिलकुल विपरीत है। गौरी की कोई परिधि है ही नहीं, उसने सारी सीमाओं को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि अखबार स्याही से छपते हैं, लेकिन वास्तव में पत्रकार के खून और पसीने से अखबार छपते हैं।

बैतूल गौरव दिवस को समर्पित परिधि का प्रवेशांक
मासिक परिधि की संपादक गौरी पदम ने कहा कि परिधि का प्रवेशांक बैतूल के गौरव दिवस को समर्पित है। परिधि को इस स्वरुप में लाने के लिए वरिष्ठ पत्रकार दीपक मेहरणवार, कार्टूनिष्ठ संजय डफरे, ग्राफिक्स एवं डिजाईनर प्रदीप कुर्वे, पंकज तालमपुरिया, निखिल माकोड़े का विशेष सहयोग रहा। हर कदम पर उन्हें उनके पति भारत पदम का सहयोग प्राप्त हुआ। जिसकी वजह से वह आज एक नई शुरूआत कर पाई। कार्यक्रम में समाजसेवी तरुण वैध, प्रमोद हारोड़े, तुलसी मालवीय, ललिता सिसोदिया, राज सिसोदिया, अकरम खान, रमेश वर्मा, नरेन्द्र वर्मा, ब्रम्हदेव कुबड़े, डॉ. जया श्रीवास्तव, संगीता घोड़की, जमुना पंडाग्रे, नीलम वागद्रे, तरुणा द्विवेदी, रेखा बारस्कर,कंचन आहूजा, डॉ धर्मेन्द्र शुक्ला, डॉ भूपेन्द्र राठौर, शैलेन्द्र बिहारिया, ईश्वर सोनी, सुमीत नागले, संध्या पंवार, हर्षित पंडाग्रे, रुपल पंडाग्रे, दिलीप साहू, नीलेश चौधरी, प्रदीप निर्मले, शिवशंकर साहू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, पत्रकार एवं महिलाएं मौजूद रहे।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.