exposure : लूट के बाद फायरिंग का मामला भी निकला झूठा, खुद ने ही चलाई थी गोली; बीजादेही में वन अमले पर हमले के आरोपी गिरफ्तार

After the robbery, the case of firing also turned out to be false, the bullet was fired by himself; Accused of attack on forest staff arrested in Bijadehi

◼️ उत्तम मालवीय, बैतूल
बैतूल जिले के सारणी नगर में हाल ही में एक युवक पर फायर किए जाने के मामले का भी खुलासा हो गया है। यह घटना भी लूट की घटना की तरह हवा हवाई निकली है। इसमें भी खुद फरियादी ही आरोपी निकला। उसने स्वयं ही गोली चलाई और अपने दुश्मन को फंसाने उसका नाम बता दिया। उधर बीजादेही थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले वन अमले पर हमला कर जब्त वाहन छीन कर ले जाने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।

सारणी टीआई रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि 26 मई 2022 को फरियादी अरुण पिता अशोक कुरारिया ने रिपोर्ट की थी कि उसके मोहल्ले में रहने वाले दिलीप गुलबाके ने उसे पिस्टल से गोली मार दी। रिपोर्ट पर धारा 307 भादंवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के मार्ग निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी, सारणी एसडीओपी रोशन कुमार जैन के मार्ग दर्शन में टीम गठित की गई।

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टीम द्वारा विवेचना में यह तथ्य सामने आए कि दिलीप गुलबाके एम्स अस्पताल भोपाल में अपनी मानसिक बीमारी का इलाज करने हेतु 21 मई 2022 से भर्ती हैं। विवेचना के दौरान घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया व फरियादी अरुण कुरारिया से गहनता से पूछताछ की गई। इस पर उसने स्वीकार किया कि 25-26 मई की रात्रि में वह खाना खा कर अपनी गाड़ी मालवीय लॉन के पास पहुंचा।

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उसके पास पूर्व में खरौदी हुई रिवाल्वर थी। जिसको उसने चलाने का प्रयास किया परंतु वह नहीं चली। इस पर अरुण ने उसी पिस्टल से 10-12 बार अपने शरीर पर चलाने का प्रयास किया और यह समझा कि पिस्टल खराब हैं। इसी बीच सीने के पास पिस्टल लगा कर चलाई तो पिस्टल चल गई व खून निकलने लगा। इससे अरुण घबरा गया। उसने डॉक्टर के पास इलाज करने जाउगा तो मुझसे घटना के संबंध में पूछेगा। इसलिए उसने आनन-फानन में उसके पूर्व के दुश्मन दिलीप गुलबाके के नाम से रिपोर्ट कर दी ताकि उसका इलाज हो सके।

किस्मत ही थी कि जिंदा रह गया

वैसे यह किस्मत ही थी कि युवक जिंदा रह गया। उसने पुलिस को जानकारी दी है कि जब उसे यकीन हो गया कि पिस्टल नहीं चलेगी तो उसने खुद पर फायर करने चालू कर दिए थे। इस बीच उसने अपनी कनपटी पर पिस्टल रख कर भी फायर किया था। किस्मत से उस समय गोली नहीं चली। यदि उस समय गोली चल जाती तो शायद वह जीवित नहीं रह पाता।

घटना का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निरीक्षक रत्नाकर हिंगवे थाना प्रभारी सारनी, निरीक्षक एआर खान थाना प्रभारी चोपना, उप निरीक्षक राहुल रघुवंशी, एएसआई एसएम हुसैन, रामेश्वर सिंह, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र सिंह, अरविंद्र सिंह, आरक्षक गजानंद की भूमिका रही।

वाहन छीन कर ले जाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

◼️ राजेंद्र गोहे, बीजादेही
उधर जिले के बीजादेही थाना क्षेत्र में वन अमले पर हमला कर वाहन छीन कर ले जाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में आरोपी राकेश पिता मस्तराम विश्वकर्मा (२8) निवासी चूनाहजूरी, अशोक पिता प्रभुदयाल विश्वकर्मा (२3) निवासी चूनाहजूरी और पप्पू पिता लखन विश्वकर्मा (२9) निवासी टांगना रैयत को गिरफ्तार किया है। इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इस संबंध में परिक्षेत्र सहायक बल्लौर सोमजी उईके द्वारा बीजादेही थाने में 7 मई को लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि फोफल्या होते हुये चूनाहजुरी की तरफ एक सफेद इनोवा गाड़ी सागौन चिरान भरकर जाने वाली है। सूचना पर अधिग्रहित वाहन से वन परिक्षेत्र अधिकारी सांवलीगढ़ सामान्य रविसिंह भदौरिया, मैं (परिक्षेत्र सहायक बल्लौर) एवं सुरक्षा श्रमिक परशु वाघवे, वाहन चालक मुकेश उईके के साथ चूनाहजूरी से गश्त करते हुये फोफल्या तरफ आ रहे थे। इस बीच पाण्ड्राझिरी जोड़ के पास एक सफेद इनोवा गाड़ी दिखी जो हमारी गाड़ी को देखकर तेजी से वापस टांगनामाल-पांड्राझिरी मार्ग पर गई। जिसका हमने पीछा किया तो उस गाड़ी से एक घर के पास में चिरान लकड़ी को खाली करते हुये दो लोग दिखे।

मौके पर पहुँचकर देखा तो सागौन चिरान मवेशी के खड़े होने के टप्पर में रखी थी। वाहन चालक से नाम-पता पूछने पर उसने अपना नाम राकेश विश्वकर्मा निवासी चूनाहजूरी का बताया एवं उसके साथ वाले लड़के ने रजनीश पिता भूता विश्वकर्मा निवासी टांगनामाल का होना बताया। राकेश तथा रजनीश से सागौन चिरान लकड़ी ले जाने के संबंध में पूछताछ किया तो टांगनामाल से ही उसकी इनोवा गाड़ी भरकर चूनाहजूरी ले जाना बताया। उक्त मकान मालिक सुगतीबाई पति रमेश निवासी टांगनामाल से राकेश के संबंध में पूछताछ किया तो उसे नहीं पहचानना बताया। राकेश वल्द नेकराम विश्वकर्मा चूनाहजूरी रजनीश से सागौन चिरान के वैध दस्तावेज पूछने पर वे भी नहीं पाए गए।

इस पर पंचनामा बनाया गया एवं कुल सागौन चिरान 14 नग एवं वाहन विधिवत जप्त किया गया। राकेश विश्वकर्मा खाली किये हुये सागौन चिरान को पुन: राकेश के वाहन में भरकर राकेश व उसके साथी सहित इनोवा गाड़ी को फोफल्या रेस्ट हाउस लाया गया। उक्त वाहन खराब होने के कारण मैकेनिक को चिचोली से बुलाकर सुधरवाया गया। फोफल्या से करीब शाम 6.00 बजे इनोवा वाहन एवं अपराधी राकेश विश्वकर्मा व रजनीश को साथ में लेकर चिचोली मुख्यालय की ओर बीजादेही से डूडर, काजली, घिसीबागला मार्ग होते हुये जा रहे थे। तभी काजली के पास वन विकास निगम के जंगल में करीब 10-15 लोग 5-6 मोटर सायकल से ओवरटेक करके रोक लिये।

वे राकेश विश्वकर्मा के साथी राकेश यादव निवासी डढारी, बबलू विश्वकर्मा निवासी ढोडरामऊ, धासु विश्वकर्मा निवासी चूनाहजूरी, राहुल विश्वकर्मा चूनाहजूरी एवं अन्य लोग थे। इनके द्वारा लकड़ी के डण्डे एवं लोहे की रॉड लेकर घेराबंदी कर बलपूर्वक हमारे द्वारा जप्त की हुई इनोवा वाहन छुडाकर ले जाने लगे। स्टाफ द्वारा रोकने पर मारपीट के लिये उतारू हो गये एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाई। उनके द्वारा हमारे साथ धक्का मुक्की की गई।

स्टाफ कम होने के वजह से हम पीछे हट गये और उन्हें समझाने की कोशिश की गई। परन्तु उनके द्वारा राकेश एव राकेश यादव, बबलू विश्वकर्मा, धासु विश्वकर्मा, राहुल एवं उसके साथियों ने इनोवा वाहन को बलपूर्वक छुडाकर ले गये। शिकायत पर पुलिस ने धारा 341, 353, 323, 332, 506,147 आईपीसी एवं म.प्र. उपज व्यापार विनियम अधिनियम 1969 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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