Biodiversity Day : पृथ्वी के संतुलन के लिए हर जीव का जीवन आवश्यक, आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखने उनके प्रति रखें दयाभाव

The life of every living being is necessary for the balance of the earth, keep the coming generation healthy and have compassion for them.

• मोहन नागर

आज 22 मई विश्व जैव विविधता दिवस (Biodiversity Day) है। हिन्दू मान्यतानुसार इस इस पृथ्वी पर 84 लाख प्रकार के जीव-जन्तु हैं। धरातल, महासागर एवं अन्य जलीय पारिस्थितिकीय तंत्रों में पाए जाने वाले जीवों के बीच विभिन्नता ही जैव विविधता है। यह विभिन्नता ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को चलायमान किये हुए हैं। यह जैव विविधता परस्परावलम्बी है। अर्थात एक-दूसरे पर अवलम्बित हैं। अतः जैव विविधता में से अगर एक भी जाति-प्रजाति का जीवन खतरे में पड़ा तो उस जीव श्रृंखला की अनेक जातियाँ खतरे में पड़ जायेगी। और अन्ततः मानव जीवन भी खतरे में पड़ जायेगा।

चीटीं से लेकर हाथी तक, गोरैया से लेकर बाज तक और मेंढक से लेकर मगरमच्छ तक, सबका जीवन प्रकृति सन्तुलन के लिये आवश्यक है। अगर हरेक जीव का हम पृथक से अध्ययन करेंगे तो ध्यान आयेगा कि धरती की संरचना और सुन्दरता में उनका कितना योगदान है। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ, सुखी और सुन्दर देखना चाहते हैं तो प्रकृति के हर जीव के प्रति दया भाव रखिये।

आप यूँ मान लीजिये जब मेंढक, मोर, पपीहा, जल मुर्गी बोलेंगे तभी आसमान से बादल बरसेंगे। जब गोरैया धूल में नहायेगी तभी बरसात होगी। चींटी अण्डा लेकर निकलेगी तभी बादल घुमड़ेंगे। लेकिन ये तब होगा जब ये सारे जीव बचेंगे। हम तो खेत, खलिहान और जंगल में आग लगाकर और फसलों में जहर डालकर सबको नष्ट करने पर तुले हैं और परिणाम भुगत रहे हैं। “जीवो जीवस्य भक्षणम जितना सत्य है उतना ही सत्य है जीवो जीवस्य रक्षणम।” आओ संकल्प करें कि हम प्रयत्नपूर्वक जैवविविधता का रक्षण और पोषण करेंगे।
(लेखक बैतूल के विख्यात पर्यावरणविद और गंगावतरण अभियान के संयोजक हैं)

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