mock practice : फिल्टर प्लांट पर क्लोरिन गैस का रिसाव, मजदूर फंसे, मौके पर पहुंची एनडीआरएफ टीम, अभियान चलाकर निकाला सुरक्षित, पहुंचाया अस्पताल 

Chlorine gas leaked at the filter plant, workers trapped, NDRF team reached the spot, carried out a campaign, evacuated safely, transported to hospital

• उत्तम मालवीय, बैतूल
बैतूल के समीप बैतूल बाजार में स्थित वाटर प्यूरीफिकेश प्लांट (फिल्टर प्लांट) में आज सुबह क्लोरीन गैस रिसाव हो गया। जिसमें कुछ श्रमिक प्रभावित क्षेत्र में फंस गए। इन श्रमिकों को निकालने हेतु विशेष प्रतिक्रिया के लिए एनडीआरएफ टीम को बुलाया गया। सबसे पहले एनडीआरएफ की टीम ने जानकारी जुटाकर स्थिति का आकलन किया। इसके साथ ही ऑपरेशन बेस, मेडिकल पोस्ट और कम्युनिकेशन पोस्ट तैयार किया गया। इसके बाद टीम ने खतरे की जांच कर ऑपरेशन शुरू किया। बचाव दल ने सीबीआरएन सूट और एससीबीए सेट की मदद से गंभीर रूप से प्रभावित पीड़ितों को निकाला और तत्पश्चात अग्रिम उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। देखें वीडियो…👇

घबराएं नहीं, दरअसल यह सब वास्तव में बिलकुल नहीं हुआ। बल्कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु किया गया एक मॉक अभ्यास था। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के हितधारकों के साथ कमान्डेंट मनोज कुमार शर्मा के कुशल दिशा-निर्देशन में 11 एनडीआरएफ वाराणसी की टीम ने विभिन्न एजेंसियों के साथ यह अभ्यास किया।

क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र (Regional Response Centre) भोपाल से सहायक कमान्डेंट राम भवन सिंह यादव की निगरानी और निरीक्षक राजेश कुमार मीणा की अगुवाई में 11 एनडीआरएफ वाराणसी की टीम ने विभिन्न एजेंसियों के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए आज CBRN (केमिकल, बायोलोजिकल, रेडिओलोजिकल और न्यूक्लियर) आपदा पर यह संयुक्त माॅक अभ्यास किया।

इस मॉक अभ्यास में वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव का परिदृश्य तैयार किया गया था। जिसमें कुछ श्रमिक प्रभावित क्षेत्र में फंस गए थे। प्रभावित पीड़ितों को निकालने हेतु विशेष प्रतिक्रिया के लिए एनडीआरएफ टीम को बुलाया गया। सबसे पहले एनडीआरएफ की टीम ने जानकारी जुटाकर स्थिति का आकलन किया।

इसके साथ ही ऑपरेशन बेस, मेडिकल पोस्ट और कम्युनिकेशन पोस्ट तैयार किया गया। इसके बाद टीम ने खतरे की जांच कर ऑपरेशन शुरू किया। बचाव दल ने सीबीआरएन सूट और एससीबीए सेट की मदद से गंभीर रूप से प्रभावित पीड़ितों को निकाला और तत्पश्चात अग्रिम उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।

इस मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी केमिकल, बायोलोजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर आपदा के दौरान प्रभावित हुए व्यक्तियों के अमूल्य जीवन की रक्षा करना, सभी रेस्पोंस एजेंसियों का रेस्पोंस चेक करना, सभी हित धारकों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना तथा खोज, राहत व बचाव कार्य के संचालन में आने वाली कमियों की समीक्षा कर उन्हें दूर करना भी है।

यह पूरा मॉक अभ्यास शिवप्रसाद मडराह (संयुक्त कलेक्टर), एके तिवारी (जिला चिकित्सा अधिकारी), एसआर आजमी (जिला कमांडेंट होम गार्ड), एम के अम्बष्ठ (एमडब्ल्यूओ वायु सेना) की मौजूदगी में आयोजित किया गया। इस मॉक अभ्यास में वाटर प्लांट टीम, जिला प्रशासन, एमपी एसडीआरएफ, एयर फोर्स, नेहरु युवा संगठन (NYKS), स्थानीय पुलिस, मीडियाकर्मियों व अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

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