Life Insurance : जीवन बीमा को लेकर लापरवाह रवैया खतरनाक : परिवार को भुगतना पड़ता है इसका खामियाजा, हर किसी को लेनी चाहिए पॉलिसी

Careless attitude about life insurance is dangerous: the family has to bear the brunt, everyone should take the policy

• उत्तम मालवीय, बैतूल
देश में जीवन बीमा (Life Insurance) को लेकर आज भी अधिकांश लोग गंभीर नहीं हैं। अमूमन लोगों की सोच यही रहती है कि भला हमें क्या होगा। यही कारण है कि लोग बीमा कराने से दूरी बनाए रखते हैं। इस बीच यदि कोई अनहोनी हो जाए तो इस लापरवाही का खामियाजा उनके परिवार के सदस्यों को भुगतना पड़ता है। उनके सामने बड़ी विकट स्थिति बन जाती है। वे बिलकुल शून्य पर पहुंच जाते हैं। इसकी वजह यही रहती है कि अधिकांश परिवारों के पास ना तो कोई बहुत अधिक जमा पूंजी होती है और ना ही बीमा जैसी आर्थिक सुरक्षा ही होती है। यही वजह है कि अपने परिवार को इस तरह अनिश्चितता के माहौल और मझधार में छोड़ देने के बजाय हर व्यक्ति को अपना जीवन बीमा अवश्य कराना चाहिए।

दरअसल यह बीमा मानव जीवन से जुड़ी आकस्मिकताओं जैसे मृत्यु, विकलांगता, दुर्घटना, सेवानिवृत्ति आदि के लिए एक वित्तीय सुरक्षा है। प्राकृतिक या दुर्घटना कारणों से मानव जीवन से मृत्यु और विकलांगता के जोखिम जुड़े रहते हैं। किसी मनुष्य की मृत्यु होने या स्थायी अथवा अस्थायी रूप से विकलांग हो जाने पर परिवार की आय की हानि होती है।

यद्यपि मानव जीवन अनमोल है, लेकिन भावी वर्षों की आय में हानि के आधार पर एक धन राशि निर्धारित की जा सकती है। इसलिए जीवन बीमा में, परिपक्वता/निश्चित धनराशि (या वह धनराशि, हानि की स्थिति में जिसका भुगतान किए जाने की गारंटी होती है), एक प्रकार का ‘‘लाभ’’ होता है। पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने या किसी दुर्घटना के कारण अपंग हो जाने की स्थिति में जीवन बीमा उत्पाद, एक निश्चित मात्रा में धनराशि प्रदान करते हैं।

जीवन बीमा करवाना क्यों जरूरी

∆ हम सभी के साथ कई तरह के जोखिम रहते हैं। इनमें शीघ्र मृत्यु हो जाना और लम्बे समय तक जीवित रहना मुख्य रूप से शामिल है। ऐसे में जीवन बीमा इसलिए आवश्यक हो जाता है ताकि आपकी असमय मृत्यु हो जाए तो उस स्थिति में आपके निजी परिवार को कुछ वित्तीय सहायता मिल जाए। आपके बच्चों की शिक्षा तथा दूसरी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

∆ केवल निधन की स्थिति में ही नहीं बल्कि लंबे समय तक जीवित रहने की स्थिति में आर्थिक मजबूती के लिए भी बीमा जरूरी है। रिटायरमेंट होने या फिर आप जब कोई काम करने की स्थिति में ना रहे तब भी आय का एक नियमित स्रोत जरूरी है। इसलिए भविष्य हेतु एक बचत योजना अपनाने की बेहद आवश्यकता है।

∆ गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण आपकी आय घट जाने पर आपकी आय सुनिश्चित करने के लिए बीमा कारगर उपाय है। इसके अलावा अन्य वित्तीय आकस्मिकताएँ तथा जीवनशैली संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए भी बीमा सहायक हो सकता है।

जीवन बीमा की आवश्यकता किसे

परिवार की आर्थिक जरूरतें कमाऊ सदस्य या मुखिया ही पूरी करता है। जाहिर है कि उसके ना होने या उसके कमाई ना कर पाने की स्थिति में पूरा परिवार प्रभावित होगा। इसलिए इस सदस्य के लिए जीवन बीमा आवश्यक होता है। गृहिणियों द्वारा परिवार में किए जाने वाले योगदान के आर्थिक मूल्य के परिप्रेक्ष्य में उन्हें भी जीवन बीमा सुरक्षा की आवश्यकता होती है। बच्चों की भावी आय संभावनाओं से जोखिम जुड़े होने के नाते उनके लिए भी जीवन बीमा आवश्यक माना जा सकता है।

कितना जीवन बीमा आवश्यक

∆ आपके लिए आवश्यक जीवन बीमा आवरण (कवरेज) की मात्रा विभिन्न जरूरतों के आधार पर निर्भर होती है जैसे कि परिवार में आप पर कम लोग आश्रित हैं तो कम और अधिक लोग आश्रित हैं तो अधिक कवरेज की जरूरत होगी।

∆ परिवार की जीवनशैली भी इसमें मुख्य भूमिका निभाती है। यदि लग्जरी या आरामदायक जीवनशैली है तो अधिक और सामान्य जीवनशैली है तो कम कवरेज की जरूरत होगी।

∆ बच्चों की शिक्षा के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी, इस बात पर भी कवरेज निर्भर करता है। मेडिकल, इंजिनियरिंग सहित अन्य उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल करना हो तो अधिक बीमा कवरेज लगेगा।

उम्मीद है कि इस लेख से आप बीमा की जरूरत और उसका महत्व भली भांति समझ गए होंगे। इसलिए बिना कोई देर किए आज ही अपना जीवन बीमा करवाने का निश्चय लें और जल्द से जल्द अपना बीमा करवा लें। याद रखें कि आपको बीमा की जरूरत हो या न हो, लेकिन आपके परिवार के प्रिय सदस्यों को इसकी बेहद जरूरत है।

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