उपेक्षा : पांच साल का कठोर कारावास भुगतने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों का नहीं हुआ सम्मान

Neglect: The families of the freedom fighters who suffered rigorous imprisonment for five years were not respected

  • प्रकाश सराठे, रानीपुर
    बैतूल जिले के रानीपुर में पुराने थाना भवन में बनाए गए पुलिस म्यूजियम का रविवार को शुभारंभ किया गया। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का सम्मान भी किया गया। वहीं कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को बुलाया ही नहीं गया। इससे उनमें आक्रोश और नाराजगी है। ऐसे ही एक ताम्रपत्र प्राप्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं ग्राम कतिया कोयालरी के जबर सिंह के पिता सुखनंदन।

    जबर सिंह बताते हैं कि मेरे पिताजी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के दौरान घोड़ाडोंगरी डिपो में आग लगाई गई थी। जिसके पश्चात उन्हें 5 साल के कठोर कारावास की सजा हुई थी। उन्हें पहले जेल भेजा गया। वहां से अकोला और अकोला से नागपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। सजा भुगतने के बाद कई वर्षों तक उन्हें पेंशन भी मिलती रही।

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    आज भी उनके पास जेल के कई सारे दस्तावेज व ताम्रपत्र उपलब्ध है। म्यूजियम के शुभारंभ पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान की जब खबर उन्हें प्राप्त हुई तो उन्हें काफी निराशा हुई। उनका कहना है कि उनसे क्या गलती हुई जो उन्हें आयोजन में बुलाकर सम्मानित करने योग्य नहीं समझा गया। उन्होंने पुलिस विभाग के इस रवैए को पक्षपात पूर्ण बताया है। ग्राम के ही उमेश मिश्रा बताते हैं कि वर्ष 2018 में सारनी आईं तत्कालीन मंत्री अर्चना चिटनीस द्वारा जबर सिंह का सम्मान किया गया था।

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