murder in love triangle : प्रेम त्रिकोण के चलते उतारा था महिला को मौत के घाट, देख लिया था दूसरे प्रेमी से बात करते हुए

The woman was put to death due to a love triangle, saw her while talking to another lover

  • निखिल सोनी, आठनेर
    बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम पुसली में कुएं में मिली लाश के मामले का पर्दाफाश हो गया है। महिला की हत्या उसी के प्रेमी ने प्रेम त्रिकोण के चलते की थी। दरअसल, महिला के एक और व्यक्ति से संबंध थे। आरोपी ने उससे बात करते हुए महिला को देख लिया था। इसी के चलते सिर पर पत्थर मार कर हत्या कर दी। उसके बाद शव कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस ने बताया कि थाना आठनेर में 9 मई को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पुसली में सुखदेव नरवरे के खेत के कुएं में गांव की सुनीता की लाश पड़ी है। कुएं के पास खून, टूटी चूड़ियां व मोबाईल पड़ा है। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पहुंची। जहाँ मृतिका सुनीता के पुत्र महेश धुर्वे पिता मुन्ना धुर्वे (18) पुसली ने सूचना दी कि 8 मई को सुबह 9.30 बजे उसकी मम्मी सुनीता धुर्वे काम करने गाँव में गयी थी।

    वह खुद चंडी मंदिर चिचोली गया था और रात करीब 10 बजे घर वापस आया। तब उसकी मम्मी सुनीता घर पर नहीं मिली। उसकी तलाश गाँव में करने पर नहीं मिली। दूसरे दिन गाँव के मिथलेश ने फोन करके बताया कि तेरी मम्मी सुखदेव नरवरे के खेत के कुएं में डूबी हुई पड़ी है। रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर अपराध पाया जाने से धारा 302 का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।

    विवेचना के दौरान साक्षियों के कथनों एवं संदेह के आधार पर एवं मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर संदेही ओमप्रकाश पिता भीमराव राउत जाति गायकी (34) निवासी ग्राम सिरखेड घाट अमरावती थाना मुलताई को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसका मृतिका के घर आना जाना था। घटना दिनांक को भी संदेही ओमप्रकाश पुसली आया था।

    संदेही ओमप्रकाश से पूछताछ की गयी। जिसने बताया कि उसकी पत्नी निर्मला करीब 1 वर्ष से अलग पुसली मायके में रह रही है। वह पुसली के पेट्रोल पंप पर काम करता था। इसी बीच ओमप्रकाश की पहचान ग्राम पुसली की सुनीता धुर्वे से हो गयी थी। एक साल से सुनीता के घर पर आने जाने से उससे संबंध थे। 8 मई को आरोपी ओमप्रकाश ने अपने बेटे प्रफुल्ल को पुसली छोड़ा।

    पैदल वापस पेट्रोल पंप की ओर आते समय सुनीता व तुकाराम को बातचीत करते सुखदेव नरवरे के खेत तरफ जाते हुए देखा था। सुनीता के तुकाराम से भी संबंध थे। जो आरोपी को बिल्कुल पसंद नहीं था। इसी रंजीश के कारण आरोपी ने सुनीता को फोन करके सुखदेव नरवरे के खेत तरफ बुलाया। जहाँ कुएं के पास दोनों में झगड़ा हुआ।

    इसके बाद आरोपी ने कुएं के पास पड़ा पत्थर सुनीता के सिर में मारा। जिससे वह गिर गई तो उसे ऊठाकर आरोपी ने कुएं में फेंक दिया। उसका थैला व कपडे भी फेंक दिया। आरोपी ओमप्रकाश पिता भीमराव राऊत को गिरफ्तार कर आरोपी की निशानदेही से उसके, मृतिका सुनीता के कपड़े व जिस पत्थर से मारा था, वह पत्थर जप्त किया गया है।