आधी रात को बेहोश महिला को अस्पताल पहुंचाया, अगले दिन परिजनों को ढूंढा

The unconscious woman was taken to the hospital in the middle of the night, the next day the relatives were found

बैतूल। जिले में संचालित ऑटो एम्बुलेंस योजना से जुड़े ऑटो एम्बुलेंस चालकों की मदद से पिछले पांच दिनों में 6 सड़क हादसों में घायलों को तत्काल समीपस्थ अस्पताल पहुंचाया गया है। बैतूल, आमला और मुलताई में यह हादसे हुए हैं।

बैतूल मुख्यालय से करीब तीन किमी दूर सोनाघाटी बेरियर के पास 30 अप्रैल को रात 11 बजे एक महिला सड़क के किनारे बेहोश अवस्था में थी। जिसे गेंदा चौक के ऑटो एम्बुलेंस चालक नीलेश चौधरी ने जिला अस्पताल पहुंचाया। महिला के सर में अंदरूनी चोट की वजह से वह अब तक होश में नहीं आई है।

बीती रात उसे जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया है। इसी तरह आमढाना के पास कार पलटने से घायल तीन महिलाओं को ऑटो एम्बुलेंस चालक मनीष मालवीय ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इधर मुलताई में वलनी ग्राम की रहने वाली आशा कार्यकर्ता को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिसे ऑटो एम्बुलेंस चालक राजेश पंवार ने मुलताई अस्पताल में भर्ती कराया।

1 मई को एक बच्चे को बचाने के चक्कर में बाईक स्लीप होने से घायल बाईक सवार को ऑटो एम्बुलेंस चालक प्रकाश साहू ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमला में भर्ती कराया। कल शाम को मुलताई से खेड़ली रोड पर एक ऑटो के पलटने से दो यात्री गंभीर रुप से घायल हो गए जिन्हें मुलताई के ऑटो एम्बुलेंस चालक रमेश साहू द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया।

इसी तरह 27 अप्रैल को कालापाठा हनुमान मंदिर के पास हादसे में दो घायलों को ऑटो एम्बुलेंस चालक सहदेव सोनी ने जिला अस्पताल पहुंचाया। पांच दिनों में ऑटो एम्बुलेंस 10 घायलों के लिए मददगार बनी।

बेहोश महिला के परिवार को ढूंढा

ऑटो एम्बुलेंस चालक नीलेश चौधरी ने 30 अप्रैल की रात जिस महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया उसकी पहचान बीती रात गायत्री पति राज के रुप में की गई। दो दिन से यह महिला बेहोश अवस्था में थी। कहीं गुमशुदगी दर्ज न होने के कारण महिला की जानकारी भी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में नीलेश चौधरी ने गेंदा चौक से दुर्घटना स्थल तक कई लोगों को मोबाईल में महिला का वीडियो फोटो दिखाकर उसका पता लगाने की कोशिश की और कामयाब हुए।

इधर महिला का पति भी बच्चे के साथ पत्नी को ढूंढ-ढूंढकर परेशान हो गया था। रविवार शाम को नीलेश महिला के परिवार को लेकर अस्पताल पहुंचे। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह महिला अपने भाई को खेत में खाना देकर लौट रही थी, तब हादसे का शिकार हो गई थी।

ऑटो चालक की सूझबूझ से महिला की जान बच गई। योजना का क्रियान्वयन मुलताई में समाजसेवी दीपेश बोथरा एवं आमला में समाजसेवी मनोज विश्वकर्मा के समन्वय से हो रहा है। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति ने संस्था के जीवन रक्षक प्रकल्प ऑटो एम्बुलेंस योजना से जुड़े ऑटो चालकों द्वारा किए जा रहे कार्यांे की सराहना की है।

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