विधायक डागा बोले- जुमले व झूठे आश्वासनों से नहीं भरता कर्मचारियों का पेट, पूरे करें इनसे किए गए सभी वादें

MLA Daga said - The stomach of the employees does not fill with false promises, fulfill all the promises made to them

• उत्तम मालवीय, बैतूल
बैतूल के कांग्रेस विधायक निलय विनोद डागा ने एक बार फिर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने जीआरएस, राजस्व निरीक्षक संघ, अतिथि शिक्षक संघ, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सहकारिता कर्मचारी के नियमितीकरण सहित लघु वेतन कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया है।

अध्यापक-शिक्षकों की न्यायोचित मांगों का शीघ्र हो निराकरण: डागा

विधायक श्री डागा ने आरोप लगाया कि एक तरफ हर व्यक्ति महंगाई की मार से जूझ रहा है। वहीं सरकारी कर्मचारी सरकार की वादाखिलाफी से नाराज है। शासकीय कर्मचारियों की मांगों के प्रति सरकार उदासीन बनी हुई है। जुमले व झूठे आश्वासनों से शासकीय कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

विधायक ने कहा जनता जागरूक है। झूठी बयानबाजी से सरकार जनता को गुमराह नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सरकार शासकीय कर्मचारियों से किए गए वादे को पूरा करें। क्योंकि झूठे आश्वासन और जुमलेबाजी से कर्मचारियों का पेट नहीं भरता है।

कर्मचारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार

गौरतलब है कि विगत कई वर्षों से जीआरएस, राजस्व निरीक्षक संघ, अतिथि शिक्षक संघ, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सहकारिता कर्मचारी व लघु वेतन कर्मचारी अपनी जायज मांगों के प्रति सरकार के आस लगाए हुए बैठे थे, लेकिन सरकार द्वारा इन कर्मचारियों के हित में कोई ठोस निर्णय ना लेते हुए गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार पर बरसे विधायक डागा

ऐसे में विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों ने शिवराज सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने कांग्रेस विधायक निलय डागा को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण करने का आग्रह किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया 3 महीने का अल्टीमेटम

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन सीटू के संरक्षक कुंदन राजपाल ने बताया कि अपनी जायज मांगों से शासन को ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी आज तक मांगों को पूरा नहीं किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन देकर नियमित किए जाने 3 माह का समय प्रदेश सरकार को दिया है। उन्होंने सरकार से अति शीघ्र ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन का लाभ देते हुए नियमित किए जाने का आग्रह किया है।

कर्मचारियों के हित में बैतूल विधायक निलय डागा ने की यह महत्वपूर्ण मांग, CM को लिखा पत्र

आशा सहयोगी श्रमिक संघ की जिला अध्यक्ष किरण कालभोर ने बताया कि आशा और सहयोगियों को एक मुश्त मानदेय दिए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर संघ संघर्षरत है। कई बार जिला प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों से मांगों को पूर्ण किए जाने आग्रह किया गया, लेकिन आज तक मांगों को पूर्ण नहीं किया गया। जबकि पिछले वर्ष 24 जून को मिशन संचालक ने मांगों को पूर्ण किए जाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद बाकायदा प्रस्ताव भी बनाया गया, लेकिन बाद में इसे निरस्त कर दिया गया। उन्होंने सरकार से जल्द ही मांगों को पूर्ण किए जाने की अपील की है।

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