Water Crisis : उमरिया में पानी के लिए हाहाकार, बर्तन लेकर महिलाओं और ग्रामीणों ने किया सड़क पर प्रदर्शन

In Umaria, women and villagers demonstrated on the road with utensils, outcry for water

• अंकित सूर्यवंशी, आमला
बैतूल जिले के उमरिया गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को पानी की समस्या सहित अन्य मांगों को लेकर आधे घंटे तक खाली बर्तन लेकर रास्ते पर बैठकर प्रदर्शन किया। यहां पानी के लिए लोगों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। इसके साथ ही अन्य कई परेशानियों से भी ग्रामवासी जूझ रहे हैं। जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। देखें वीडियो..👇

जानकारी के मुताबिक उमरिया में नल-जल योजना स्वीकृत है। इसके लिए पाइप लाईन बिछा दी गई है। नल-जल योजना के तहत दो ट्यूबवेल भी खनन किए गए, लेकिन अब तक टंकी और संपवेल का निर्माण नहीं कराया गया। गांव में आधे घंटे पानी की सप्लाई की जाती है। कई घरों तक तो पानी पहुंच ही नहीं पाता है। इसके चलते कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह परमार के नेतृत्व में गांव के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। हाथ में गुंडी और बाल्टी लेकर महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हुईं।

गांव की कांति चौहान, अनिता कुशवाह, गीता कुशवाह ने बताया एक तरफ तपिश भरी गर्मी तो दूसरी तरफ जलसंकट के कारण लोगों को पीने योग्य पानी मिलना भी मुहाल हो गया है। नलजल योजना का हाल काफी बुरा हैं और इसका सही लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा हैं। ग्रामीणों ने नल-जल योजना का लाभ लोगों को दिलाने की मांग की है।

ग्रामीण महेन्द्र सिंह चौहान, राजेश सिंह कुशवाह, सोहन सिंह कुशवाह, दयाल चौहान, राजेश पटेल, रूप सिंह चौहान, जितेंद्र शर्मा ने बताया गांव में वर्षों से पानी की समस्या है। आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पानी की समस्या का हल नहीं किया गया। जबकि इसको लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने अभी तक पेयजल संकट की इस समस्या का समाधान नहीं किया है।

ग्रामीण शीला बाई, चित्रा राठौर, इतेच्छी कुशवाह ने बताया आधे घंटे में एक बाल्टी पानी मिल पाता है। आधे घरों में पानी पहुंचता है बाकी घरों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी नहीं सुनते। जिसकी वजह से लोगों को पेयजल की समस्या से जूझने को मजबूर होना पड़ रहा है।

रोजगार सहायक पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने पंचायत के रोजगार सहायक किशन सिंह परमार पर भी लापरवाही के आरोप लगाते हुए हटाने की मांग की है। ग्रामीण राजेश सिंह कुशवाह, दयाल चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जलस्रोत का गहरीकरण मशीनों से किया जा रहा है। लोगों को गांव में रोजगार नहीं मिल रहा। पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनाने, पेंशन सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र ग्रामीण भटक रहे हैं।

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