45 लाख की सड़क में हो रहा था घटिया काम, चलने से ही बिखर रही थी गिट्टियां, पीडब्ल्यूडी ने रुकवाया कार्य

Poor work was being done in the road of 45 lakhs, ballasts were being scattered due to walking, PWD stopped the work

• उत्तम मालवीय, बैतूल
परतापुर से बैतूल बाजार तक बन रही डामर की सड़क के काम में भारी धांधली की जा रही थी। ऐसा लग रहा था कि केवल कागज पर दिखाने के लिए ही काम करने की औपचारिकता की जा रही है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के प्रभारी सब इंजीनियर द्वारा आंख मूंद कर बैठे थे। जिससे ऐसा लग रहा था कि उन्होंने ठेकेदार को जैसे खुली छूट दे रखी है। एसडीओ को इस बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने यह काम रुकवा दिया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक परतापुर से बैतूलबाजार तक 6 किमी सड़क का निर्माण इन दिनों किया जा रहा है। यह कार्य 45 लाख रूपये की लागत से किया जा रहा है। कहने को तो इस कार्य के लिए एस्टीमेट बनाने सहित तमाम मापदंड तय किए गए हैं, लेकिन वह केवल खानापूर्ति भर साबित हो रहे थे। सड़क का काम जैसे हो रहा था उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि ना तो ठेकेदार को ईस्टीमेट दिया और ना ही लागत बताई गई बल्कि उससे फोकट में यह काम कराया जा रहा हो।

सड़क को पहली नजर में देखते ही एक सामान्य व्यक्ति भी आसानी से समझ जा रहा है कि निर्माण के नाम पर केवल रस्म अदायगी भर की जा रही है। लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि इस तरह 45 लाख रूपये खर्च करने के बजाय यह कार्य ही नहीं कराया जाता तो बेहतर था। अभी ही सड़क के यह हाल है कि जहां सड़क बनी है वहां साधारण रूप से पैदल चलने पर ही सड़क उखड़ रही है, गिट्टी बिखर रही है। सड़क को देखकर ही लगता है कि डामर केवल सड़क ऊपर से छिड़का भर गया है। आसपास के ग्रामीण घटिया सड़क का सबूत दिखाने के लिए अपने पैरों से सड़क उखाड़कर दिखा दे रहे हैं।

यह काम रिनीवल के रूप में हो रहा है। नियम से यहां 20 एमएम मोटाई की सड़क बनना चाहिए, लेकिन मौके पर देखे तो 10 एमएम की सड़क भी नहीं मिलती है। जमीन से लगकर तो बहुत कम डामर की मात्रा के साथ 5 से 10 एमएम मिट्टी बिछा कर सड़क बनाई जा रही है। जिससे साफ नजर आता है कि ठेकेदार को इस बात से कोई लेना देना नहीं कि बारिश के पहले ही सड़क उखड़ जाएगी।

बताया गया कि इस सड़क के घटिया निर्माण को लेकर आसपास के ग्रामीण कई बार पीडब्ल्यूडी के प्रभारी सब इंजीनियर को शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हालांकि यह मामला जब विभाग के एसडीओ राकेश सार्वे के पास पहुंचा तो उन्होंने यह काम रुकवा दिया है। अब ठेकेदार को पहले अभी तक किया काम सुधार करके करने और उसके बाद ही आगे का काम करने को कहा जाएगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो काम निरस्त किया जाएगा।

इस बारे में जानकारी मिलने पर कल ही काम रुकवा दिया है। आज हम निरीक्षण करेंगे और ठेकेदार से पहले किया गया काम गुणवत्ता के साथ करने और उसके बाद ही आगे का काम करने को कहेंगे। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो ठेका निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
राकेश सार्वे
एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, बैतूल

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