Innovation : कलेक्टर की छोटी सी संवेदनशील पहल ने हल की बड़ी मुश्किल, अब प्रसव कराने नहीं जाना पड़ता ज्यादा दूर

सुरक्षित प्रसव की दिशा में जिले में नई पहल, खुलवाए दूर-दराज के इलाके में डिलेवरी पाइंट

The small sensitive initiative of the collector solved a big problem, now you do not have to go far for delivery

  • उत्तम मालवीय, बैतूल
    मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं। इन्हीं प्रयासों में बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने जिले में एक नई पहल की है। दूर-दराज इलाके में जहां डिलेवरी कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने में कठिनाई होती है और ऐसे में इन गर्भवती महिलाओं का घर में प्रसव हो जाता है जिससे जच्चा-बच्चा दोनों की जान का खतरा बना रहता है। इसी खतरे को टालने के लिए कलेक्टर की पहल पर जिले में सभी विकासखंडों में एक-एक डिलेवरी पाइंट बनाया गया है।

    कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस

    घर में प्रसव रोकने की गई पहल

    डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसायटी की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस के संज्ञान में यह मामला आया कि कई गांव ऐसे हैं जहां से प्रसव कराने के लिए अस्पताल दूर पड़ता है। इसके कारण लोग घर में ही प्रसव करा रहे हैं। इसको लेकर श्री बैंस ने सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी को निर्देश दिए कि ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएं जहां पर डिलेवरी पाइंट बनाया जाए। सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने 10 विकासखंडों में स्थान चयनित कर 10 डिलेवरी पाइंट बनवाए हैं। यहां पर पर्याप्त स्टाफ और डिलेवरी कराने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री की व्यवस्था भी करवाई।

    शुरू हो गए डिलेवरी पाइंट

    सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी ने बताया कि कलेक्टर श्री बैंस के निर्देश पर 10 डिलेवरी पाइंट तैयार किए गए हैं। जिनमें सेहरा सीएचसी के अंतर्गत पीएचसी बारव्हीं, शाहपुर के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र ढोढरामऊ, चिचोली के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र केसिया, घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत उपस्वास्थ्य खारी, भीमपुर के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र बक्का, भैंसदेही के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र केरपानी, आठनेर के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र अम्बाड़ा, आमला के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र खेड़लीबाजार, मुलताई के अंतर्गत पीएचसी बरखेड़ और प्रभात पट्टन के अंतर्गत बिरूलबाजार शामिल हैं।

    इन केंद्रों पर हो चुके 9 प्रसव

    शुरू डिलेवरी पाइंटों पर प्रसव होना भी शुरू हो गए हैं। सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी ने बताया कि डिलेवरी पाइंट पर पदस्थ स्टाफ ने अभी तक 9 प्रसव सुरक्षित प्रसव कराए हैं। इनमें ढोढरामऊ में 1 प्रसव, केसिया में 1 , खारी में 5, केरपानी में 1, बिरूलबाजार 1 प्रसव कराया गया है। डॉ. तिवारी का कहना है कि डिलेवरी पाइंट स्थापित करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है और इसके साथ ही शिशु-मातृ मृत्यु दर को रोकना है। इसके अलावा डिलेवरी पाइंट पर आने वाली गर्भवती महिलाओं में अगर किसी की क्रिटिकल हालत है तो पाइंट से उसे तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल भेजने का पूरा इंतजाम रहेगा।

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