support price wheat : गेहूं खरीदी के लिए 2 लाख टन का है लक्ष्य, अब तक मात्र 3058 टन की खरीदी, मंडी में अधिक मिल रहे रेट

There is a target of 2 lakh tonnes for wheat procurement, till now only 3058 tonnes have been purchased, more rates are available in the market

  • उत्तम मालवीय, बैतूल
    बैतूल जिले में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का लक्ष्य दूर-दूर तक पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। मंडी और बाजार में गेहूं के रेट समर्थन मूल्य से काफी ज्यादा मिल रहे हैं और यही वजह है कि किसान सरकारी खरीदी केंद्रों की ओर देखना भी नहीं चाह रहा है। इसी के चलते अभी तक जिले में मात्र 3058 मेट्रिक टन गेहूं की ही समर्थन मूल्य पर खरीदी हो पाई है। जबकि जिले को लक्ष्य 2 लाख मेट्रिक टन गेहूं खरीदी का मिला है। बैतूल जिले में गेहूं बेचने के लिए पंजीयन तो 40636 किसानों ने करवाया था, लेकिन अभी तक मात्र 651 ने ही बेचा है।

    बुधवार को भी बडोरा कृषि उपज मंडी में गेहूं के भाव में काफी तेजी का रुख देखा गया। गेहूं के समर्थन मूल्य 2015 रुपए हैं। जबकि मंडी में गेहूं सबसे कम दाम जो रहे वह 2025 रुपए रहे। इस दाम पर भी इक्का-दुक्का ढेर ही खरीदे गए है। अधिकांश गेहूं की खरीदी जिस प्रचलित मूल्य पर की गई वह 2090 रुपए है जबकि अधिकतम मूल्य 2150 रुपए रहे। बुधवार को मंडी में 11811 बोरे गेहूं की आवक हुई। वहीं दूसरी ओर अधिकांश खरीदी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। यह हाल अकेले बैतूल जिले का नहीं है बल्कि प्रदेश भर में यही स्थिति है। यही कारण है कि अब सरकार कई मापदंडों में ढील देने को मजबूर हो गई है।

    इसके तहत जिन किसानों ने अब तक उपज बेचने के लिए स्लाट बुकिंग नहीं कराई है, उन्हें अब एसएमएस भेजे जाएंगे। इसके साथ ही स्लाट बुकिंग की अवधि भी बढ़ा दी गई है। इंदौर-उज्जैन संभाग में अब पांच मई तक स्लाट बुकिंग की जा सकेगी। अन्य संभागों में स्लाट बुकिंग 11 मई तक की जा सकेगी। अभी तक यह अवधि 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी।

    प्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए एसएमएस देने की जगह किसानों से आनलाइन स्लाट बुक कराए जा रहे थे। इसकी वैधता अवधि सात दिन रखी थी। प्रदेश भर में करीब 10 लाख किसानों ने स्लाट बुक कराए लेकिन इनमें से अधिकांश किसान उपज बेचने उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे ही नहीं। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए प्रदेशभर में कुल 19 लाख 81 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से अब तक कुल 3 लाख 50 हजार 785 किसानों ने ही गेहूं बेचा है।

    दरअसल, इस वर्ष किसानों को मंडियों और खुले बाजार में गेहूं की समर्थन मूल्य से कहीं अधिक कीमत मिल रही है। प्रदेश के गेहूं की विदेशों में जबर्दस्त डिमांड है जिसके कारण व्यापारी किसानों को मुंहमांगे दाम दे रहे हैं वहीं उन्हें भी निर्यातकों से अच्छी कीमत मिल रही है। यही कारण है कि किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में रुचि नहीं ले रहे। 19 लाख 81 हजार पंजीकृत किसानों में से दस लाख ने ही स्लाट बुक कराए है।

    अभी तक प्रदेश में किसानों ने सरकार को कुल 29 लाख 43 हजार 589 टन गेहूं ही बेचा है। इधर कुछ जगहों से स्लाट बुकिंग की तारीख बढ़ाए जाने की मांग भी सामने आई थी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने किसानों की सुविधा को देखते हुए अब तय किया है कि उपार्जन की अंतिम तिथि से पांच दिन पहले तक बुकिंग की जाएगी। इसके साथ ही जिन किसानों ने अभी तक स्लाट बुक नहीं कराए हैं, उन्हें पहले की तरह उपज बेचने के लिए एसएमएस किया जाएगा। इससे पहले भी स्लाट बुकिंग की अवधि 17 से बढ़ाकर 30 अप्रैल की जा चुकी थी. अब इसे और बढ़ा दिया गया है।

  • Get real time updates directly on you device, subscribe now.

    Leave A Reply

    Your email address will not be published.