सामुदायिक शौचालयों में भारी लापरवाही: कहीं पड़े हैं आधे अधूरे तो कहीं कर दी रस्म अदायगी, नहीं मिल रही सुविधा

Huge negligence in community toilets: Somewhere they are lying half incomplete and somewhere the rituals are not being paid, facilities are not available

  • प्रकाश सराठे, रानीपुर
    बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लाक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण तो करा दिया गया है परंतु इनका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है। कुछ पंचायतों में शौचालय का काम कंप्लीट हो गया तो कुछ में एक साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा पड़ा हुआ है। इन्हें पूरा करने में किसी की कोई रुचि नहीं है।

    ग्राम पंचायत रानीपुर में सामुदायिक शौचालय तो बना दिये गये, लेकिन सेप्टी टैंक (गड्ढे) का निर्माण ही नहीं किया। शौचालय के अंदर का काम भी आधा-अधूरा है। टाइल्स एवं नल फिटिंग एवं दिव्यांग शौचालय का काम भी अधूरा पड़ा हुआ है। बैतूल-सारणी रोड पर स्थित मेन बस स्टैंड रानीपुर पर उतरने वाले यात्रियों को शौचालय नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब ग्रामीणों ने ईसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की है।

    दरअसल स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि सामाजिक आयोजनों पर या जिन घरों में शौचालय नहीं है ऐसे ग्रामीण सामुदायिक शौचालय का उपयोग करें, लेकिन पंचायतों के कर्ताधर्ता द्वारा सामुदायिक शौचालय के निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।

    ऐसा ही नजारा ग्राम पंचायत रानीपुर, महकार, सीताकामत में देखा गया, जहां पंचायत ने सामुदायिक शौचालय के नाम पर दीवारें बना दी और शौचालय में न तो टाइल्स लगाई है और न ही वाश बेसिन। यहां तक की सेप्टिक टैंक का निर्माण भी नहीं कराया और एक गड्ढा खोदकर शौचालय का कनेक्शन कर दिया गया। जिसका विरोध करते हुए ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की है।

    तीन लाख से बनना है सामुदायिक शौचालय

    एक जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में तीन लाख की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत सामुदायिक शौचालयों का निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाना है, लेकिन पंचायत द्वारा निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।

    जिसकी वजह से सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के लिए किसी काम नहीं आ रहे हैं। हालात यह है कि पंचायतों की लापरवाही की वजह से आज भी ग्रामीण खुले में शौच जा रहे है। जिससे स्वच्छता मिशन की मंशा असफल हो रही है। वहीं गंदगी और बदबू से भी लोगों को परेशान होना पड़ता है।

    सामुदायिक शौचालय निर्माण में ग्राम पंचायत के द्वारा बरती गई लापरवाही की शिकायत ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से भी की है। कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण मंडलम अध्यक्ष शिवनाथ यादव, कुंवरलाल जावलकर, राजू कहार ने आरोप लगाते हुए बताया कि पंचायत द्वारा केवल एक छोटा सा गड्ढा बनाकर सामुदायिक शौचालय शुरू कर दिया गया है। इसका विरोध करने पर अब पंचायत पुन: सेप्टिक टैंक बनाने का काम कर रही है, जबकि शौचालय के अंदर का भी अभी काम पूरा नहीं हुआ है।

    सेप्टिक टैंक बनाने का काम चल रहा है। ईंटों की जुड़ाई हो गई है। जल्द ही सेप्टिक टैंक पूरा हो जायेगा। ग्राम पंचायत शीघ्र ही बैठक लेकर यह निर्णय लेगी की इस सामुदायिक स्वच्छता परिसर की जवाबदारी कौन लेगा। कल यदि पंचायत द्वारा सामुदायिक स्वच्छता परिसर को खोल भी दिया जाता है तो ग्रामीण लोग उसे गंदा कर देंगे और उससे निकलने वाला मल मूत्र से गंदगी फैलेगी और फिर इसकी शिकायत और होगी।
    कमलेश नर्रे
    सरपंच, ग्राम पंचायत, रानीपुर
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    सरपंच द्वारा शौचालय का सारा मटेरियल ले आया गया है। शीघ्र ही शौचालय का काम कंप्लीट कराया जाएगा
    संतोष झरबड़े
    सचिव, ग्राम पंचायत, रानीपुर
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    इसे मैं दिखवाता हूं। बड़ा दुखद विषय है कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर में ताले लटके हुए हैं। हालांकि रानीपुर का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। शीघ्र ही इसको पूरा कराया जाएगा।
    प्रवीण इवने
    सीईओ, जनपद पंचायत, घोड़ाडोंगरी

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