world earth day : आधा किलोमीटर की चढ़ाई चढ़ कर कुप्पियों से ले गए पानी और पौधों की बुझाई प्यास

By climbing half a kilometer, water was taken from the flasks and quenched the thirst of the plants

• उत्तम मालवीय, बैतूल
बैतूल में गंगावतरण अभियान के पचास से अधिक श्रमदानियों ने अनूठे अंदाज में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया। यह श्रमदानी सोनाघाटी की सौ फुट से अधिक ऊंची पहाड़ी पर आधा किलोमीटर की चढ़ाई चढ़ कर अपने साथ कुप्पियों से पानी ले गए। इसके बाद पहाड़ी पर गंगावतरण अभियान के तहत लगाये गये पौधों को पानी देकर उनकी प्यास बुझाई।

शुक्रवार को प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक पौधों की जल सेवा का यह कार्य चलता रहा। श्रमदानियों ने अभियान के संयोजक मोहन नागर के नेतृत्व में पानी के टैंकर से छोटी कुप्पियाँ भरकर कंधों पर लादकर पाँच सौ से अधिक पौधों को पानी दिया।

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उल्लेखनीय है कि सैकड़ों-हजारों श्रमदानियों की छः-सात वर्षों की निरन्तर साधना से सोनाघाटी हरी-भरी हो रही है। श्रमदानियों को पूर्ण विश्वास है कि यहाँ कुछ वर्षों बाद दादा भवानीप्रसाद मिश्र की कविता पुनः चरितार्थ होगी ‘सतपुड़ा के घने जंगल, ऊँघते अनमने जंगल…!’

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