महंगाई की मार: एक अप्रैल से महंगा हो सकता है वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा, ड्राफ्ट तैयार

Inflation hit: Third party insurance of vehicles may become expensive from April 1, draft ready

दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ अन्य बड़े वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है। भारतीय बीमा और नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने मोटर वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की दरों को बढ़ाने को लेकर एक ड्राफ्ट तैयार किया है। 1 अप्रैल 2022 से नई दरें लागू हो सकती हैं।

एक अप्रैल से कितने रुपए चुकाने होंगे

फोर-व्हीलर के लिए प्रस्तावित संशोधित दरों के अनुसार 1,000 cc वाली निजी कारों पर 2,072 रुपए की तुलना में 2,094 रुपए की दर लागू होंगी। इसी तरह 1,000 cc से 1,500 cc वाली निजी कारों पर 3,221 रुपए की तुलना में 3,416 रुपए की दर होंगी, जबकि 1,500cc से ऊपर की कार के मालिकों को 7,890 रुपए की जगह 7,897 रुपए का प्रीमियम देना होगा।

टू-व्हीलर के लिए: दोपहिया वाहनों के मामले में 150 सीसी से 350 cc तक के वाहनों के लिए 1,366 रुपए बतौर प्रीमियम देना होना, जबकि 350 cc से अधिक के वाहनों के लिए प्रीमियम 2,804 रुपए होगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर 15% छूट: निजी इलेक्ट्रिक कारों, इलेक्ट्रिक दो पहिया और इलेक्ट्रिक यात्री, माल वाहक के साथ कमर्शियल वाहनों के इंश्योरेंस पर 15% की छूट का प्रस्ताव है। ये कदम ईको फ्रेंडली वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उठाया जाने वाला है। हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार 7.5% डिस्काउंट देने की तैयारी में है।

क्या है मोटर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस?

थर्ड पार्टी यानी तीसरा पक्ष। पहला पक्ष वाहन मालिक, दूसरा वाहन चालक और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तीसरा पक्ष होता है। मोटर वाहन के सार्वजनिक स्थान पर उपयोग के दौरान वाहन से यदि कोई दुर्घटना होती है और किसी तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) को जान-माल की हानि होती है तो वाहन का मालिक और उसका चालक इस नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कानूनन बाध्य होते हैं। ऐसी स्थिति में आर्थिक मुआवज़े की भरपाई के लिए बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करती हैं। बीमा होने पर मुआवज़े की राशि का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी करती है।

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