कर्मचारियों को कोरोना हुआ तो अफसरों की तय होगी जवाबदारी

अब सरकारी दफ्तरों में कागज पर नहीं वाट्सएप से ही होगा डाक का आदान-प्रदान

अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने दी बचाव के लिए सावधानियां बरतने की हिदायत

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण (corona infection) के मामलों को देखते हुए कलेक्टर (Collector) अमनबीर सिंह बैंस ने सभी कार्यालय प्रमुखों (office heads) को अपने कार्यालयों में कोरोना से बचाव के लिए तमाम सावधानियां (Precautions) बरतने के निर्देश दिए हैं। एक खास व्यवस्था यह बनाई गई है कि शासकीय कार्यालयों की डाक कागजों के माध्यम से नहीं भेजी जाएगी। अब यह केवल वाट्सएप के माध्यम से संबंधित अधिकारी को भेजी जाएगी।

    यह भी पढ़ें… बैतूल में बेकाबू हुआ कोरोना, आज 62 नए पॉजिटिव मिले

    मास्क नहीं लगाने पर करें जुर्माना
    उन्होंने कहा है कि सभी कार्यालयों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी में संक्रमण के लक्षण प्रतीत हो रहे हो, तो उसकी आरटीपीसीआर जांच करवाने के उपरांत ही ऑफिस बुलाया जाए। जो कर्मचारी मास्क लगाकर नहीं आ रहे हैं, उन पर 100 रुपए का जुर्माना किया जाए। यदि किसी कार्यालय में लापरवाही से कोरोना संक्रमण फैलता है तो कार्यालय प्रमुख की जवाबदारी भी तय होगी। कलेक्टर ने कहा है कि सभी अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि कोरोना संक्रमण के कारण किसी भी कार्यालय की सेवाएं बाधित न हों।

    यह भी पढ़ें… आज 21 नए पॉजिटिव, एक्टिव केस 85 हुए

    विशेष एहतियात बरतें स्वास्थ्य विभाग
    सोमवार को आयोजित अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले को भी विशेष एहतियात रखने की जरूरत है। इसके साथ ही कर्मचारियों की बड़ी संख्या वाले विभागों जैसे शिक्षा, आदिवासी विकास, नगरीय निकाय इत्यादि विभागों में भी पूरी सतर्कता बरती जाए। जिन कार्यालयों में बाहरी लोगों का आना-जाना होता है, वहां थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर के पुख्ता बंदोबस्त हों एवं बिना मास्क के लोगों को प्रवेश न दिया जाए।

    यह भी पढ़ें… कोरोना के चलते बैतूल में लागू हुईं कई बंदिशें, आदेश जारी

    बाहर से आने वालों पर रखें पैनी निगाह
    जिले की सीमाओं एवं रेलवे स्टेशन पर कोरोना की सैम्पलिंग के अलावा जिले में बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर पैनी निगरानी रखी जाए। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनकी तत्काल जांच करवाई जाए। यदि संक्रमित पाए जाते हैं तो उन्हें क्वारंटाइन/आइसोलेट किया जाए। धार्मिक स्थलों पर दर्शन प्रतिबंधित नहीं है, परन्तु भीड़-भाड़ न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

    यह भी पढ़ें… 25 से 30 जनवरी के बीच रहेगा कोरोना की तीसरी लहर का पीक, बच्चों को सुरक्षित रखने यह करें

  • Get real time updates directly on you device, subscribe now.

    Leave A Reply

    Your email address will not be published.