बरसे ओले, चली आंधी: बिजली के पोल और कई पेड़ हुए जमींदोज

आठनेर के चिचपाटी गांव में कुछ ही देर में जम गई ओलों की मोटी परत

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदले मौसम के कारण जिले में भारी नुकसान पहुंच रहा है। कल जहां आकाशीय बिजली गिरने के कारण 5 बकरियों और 1 घोड़े की मौत हो गई थी वहीं मंगलवार देर शाम को आठनेर ब्लॉक के खैरवाड़ा पंचायत के चिचपाटी गांव में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से भारी तबाही पहुंची है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कल शाम को जिले के अन्य क्षेत्रों के साथ ही आठनेर क्षेत्र में भी कई स्थानों पर जमकर ओलावृष्टि हुई और तेज आंधी चली। इससे पटवारी हलका नंबर 50/1 में स्थित चिचपाटी के किसानों के खेतों में भारी नुकसान पहुंचा है। ग्राम के श्रीराम गव्हाड़े, बिरजू धुर्वे, वासुदेव धोटे ने बताया कि ओलावृष्टि से जहां गेहूं और मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने जैसे-तैसे रुपयों की व्यवस्था कर खाद-बीज का इंतजाम किया था और बड़े परिश्रम से बुआई की थी। ऐसा लग रहा था कि फसल अच्छी होगी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

    किसान सत्यनारायण गव्हाड़े, राजू गव्हाड़े, नारायण मालवी, सुखचंद बेले, मुरली मालवी बताते हैं कि ओले वैसे तो थोड़ी ही देर बरसे, लेकिन थोड़ी देर में ही इतने अधिक ओले बरस गए कि हर तरफ ओलों की परत की परत बिछ गई। इससे खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह चौपट हो गई।

    तेज आंधी-तूफान ने फसलों के साथ ही बिजली व्यवस्था भी चौपट कर दी है। किसान राजू बेले, अमरसिंह, भादू बेले बताते हैं कि आंधी चलने के कारण बिजली के कई पोल के साथ कई पेड़ भी जमींदोज हो गए। इससे बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसमें सुधार को अब खासा समय लगना तय है।

    बैतूल शहर में भी बदला मौसम, छाया कोहरा
    बुधवार सुबह से बैतूल शहर का मौसम भी बदला हुआ है। सुबह कुछ देर यहां हल्की बारिश भी हुई। इसके बाद बारिश तो नहीं हुई, लेकिन बादल छाए हुए हैं। कल जिले में हुई बारिश के कारण तापमान में भी कमी आई है। बीती रात का न्यूनतम तापमान कम होकर 11.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। आज सुबह से घना कोहरा भी छाया रहा। सुबह 9 बजे तक भी कोहरा छाया था। इसके चलते वाहनों की रफ्तार भी बेहद कम हो गई थी।

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