8 साल की मासूम का अपहरण कर किया था दुष्कर्म, अब अंतिम सांस तक जेल में रहेगा हैवान

अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने सुनाई शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए आजीवन कारावास की सजा

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल ने आरोपी राजा उर्फ किशोर पिता तारन (38) निवासी दमुआ जिला छिंदवाड़ा को धारा 363, 323, 376(2)(जे). 376-एबी, 376-ई भादंवि एवं 5एम/6 तथा 5टी/6 पॉक्सो एक्ट में दोषसिद्ध पाकर धारा 363 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास, 323 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 376 (2) (जे) (2) (एल) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 376-एबी में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 376-ई में आजीवन कारावास (जो अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा) एवं 3000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। प्रकरण में मध्यप्रदेश शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी के द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण की पैरवी में वरिष्ठ एडीपीओ अमित कुमार राय एवं वंदना शिवहरे के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। एडीपीओ वंदना शिवहरे द्वारा अंतिम लिखित तर्क तैयार करवाया गया और नवीनतम न्याय दृष्टांतों का हवाला दिया गया।

    घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 मई 2019 को 8 वर्षीय मासूम पीड़िता की मां फरियादिया ने थाना कोतवाली बैतूल में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट लेख कराई कि 6 मई 2019 को सुबह करीब 10 बजे आरोपी राजा उर्फ किशोर उसके घर में फरियादिया की मां के साथ आया फिर वह और उसकी मां आरोपी राजा उर्फ किशोर के साथ मोटर साईकिल से चक्कर रोड बैतूल वोट डालने गई थी। दिन भर वह और उसकी मां और राजा उर्फ किशोर ने मटके बेचने का काम किया। रात को लगभग 8.15 बजे फरियादिया को आरोपी उसकी मोटर साईकिल पर बैठाकर उसके घर पहुंचाया। उस समय पीड़िता और उसका छोटा भाई घर पर थे। तब फरियादिया ने आरोपी को बोला कि भैया खाना खा लो तब आरोपी ने बोला कि मुझे खाना नहीं खाना है मुझे बीड़ी लेना है, दुकान कहां है बता दो, तब फरियादिया ने उसे पास की किराना दुकान बताई। आरोपी ने पीड़िता को कहा चल बेटा मेरे साथ मुझे किराना दुकान चलकर बता दे। इतना कहकर आरोपी उसकी मोटर साईकिल में पीड़िता को बैठाकर ले गया।

    काफी देर होने पर भी जब आरोपी पीड़ता को घर वापस लेकर नहीं आया तब फरियादिया ने किराने की दुकान में जाकर पीड़िता के वहां आने के संबंध में पूछताछ की तो किराना दुकान वाले ने फरियादिया को बताया कि पीड़िता उसकी दुकान पर नहीं आई। फरियादिया ने उसके पड़ोसी को आरोपी राजा उर्फ किशोर के द्वारा पीड़िता को ले जाने की बात बताई। उसके बाद फरियादिया उसके पति और फरियादिया की मां ने पारधीढाना, चक्कर रोड में पीड़िता को ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद फरियादिया द्वारा थाना कोतवाली जाकर पीड़िता के गुमशुदगी रिपोर्ट लेख कराई थी।

    पीड़िता की तलाश पतारासी की जाकर 7 मई 2019 को पीड़िता को दस्तयाब किया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़िता द्वारा उसके कथनों में बताया गया कि आरोपी राजा उर्फ किशोर उसे बीड़ी की दुकान दिखा दो बोलकर मोटर साईकिल पर बैठाकर लेकर गया था। आरोपी ने पीड़िता से कहा कि आगे की दुकान से बीड़ी लेंगे, फिर उसने सरकारी अस्पताल के सामने से नाश्ता लिया और गाड़ी में पेट्रोल भराने के बारे में पूछा। पीड़िता ने उसे पारधीढाना के पास पेट्रोल पंप होना बताया। गाड़ी में पेट्रोल भराने के बाद आरोपी ने सदर की दारू भट्टी से दारू खरीदी तथा पीड़िता को गुमराह करते हुए उसे सोनाघाटी के तरफ जंगल में लेकर गया। वहां आरोपी ने पीड़िता को दारू पीने को कहा। पीड़िता ने दारू पीने से मना किया तो आरोपी ने उसे चाटे मारे और जबरदस्ती दारू पिलाई थी। इससे उसे उल्टी हो गई थी।

    उसके बाद आरोपी राजा उर्फ किशोर ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की। आरोपी ने पीड़िता के साथ बलात्कार करने के बाद उसे मोटर साईकिल पर बैठाकर रोड पर छोड़ दिया। रात के समय पीड़िता सोनाघाटी में एक घर में रूक गई थी। सुबह के समय जब वह शौच करने गई थी तब उसे एक अंकल मिले। उन्होंने उससे उसका नाम और उसका पिता का नाम पूछा तब पीड़िता ने उसके साथ हुई घटना के बारे में बताया और वे उसे थाना लेकर गए थे। पीड़िता के कथनों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

    पूर्व में भी दोषसिद्ध हो चुका है आरोपी
    आरोपी राजा उर्फ किशोर को वर्तमान मामले के प्रकृति की भांति के अपराध में विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट छिंदवाड़ा के द्वारा 5 अगस्त 2011 को धारा 363, 366, 376 (1) भादंवि में दोषसिद्ध पाकर 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा जुर्माना से पूर्व में दंडित किया गया था। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में अनन्य विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट बैतूल ने आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास जो अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास से दंडित किया था।

    अभियोजन ने की फांसी की मांग
    आरोपी एक आदतन एवं अभ्यस्त अपराधी है जो महिलाओं विशेषकर छोटी बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाता है। आरोपी मानसिक रूप से पैशाचिक प्रकृति का व्यक्ति है, जिसका समाज में रहना समाज के लिए खतरा है। यह कि आरोपी मासूम पीड़िताओं को विरोध करने पर उपहति भी कारित करता है। इस संभवना से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि यदि किसी पीड़िता ने घटना के दौरान आत्यधिक विरोध किया तो उसे जान से भी खत्म कर सकता है। आरोपी द्वारा किए गए पूर्व आपराधिक कृत्यों से इस बात की पूरी अधिसंभाव्यता है कि अब आगे आरोपी किसी मासूम को सबूत के बतौर जिंदा नहीं छोड़ेगा। अभियोजन के द्वारा विशेष न्यायालय से आरोपी को मृत्युदण्ड से दण्डित किए जाने निवेदन किया गया किंतु न्यायालय द्वारा उक्त मामले को ‘रेयर ऑफ रेयरेस्टÓ नहीं मानते हुए आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा दी गई है।

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