रोचक: पति और पत्नी को दो अलग-अलग वार्डों से निर्विरोध चुन लिया गया पंच परमेश्वर

ग्राम पंचायत रोंढा का मामला, 12 अन्य पंचों का भी निर्विरोध चयन, केवल सरपंच के लिए मुकाबला

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    यूं तो पंच पद का चुनाव जीतने के लिए भी कई बार सारे संसाधन झोंकने और लाख मशक्कत के बाद भी जीत नसीब नहीं होती, लेकिन काबिलियत, लोकप्रियता और मतदाताओं का भरोसा आप पर हो तो बिना किसी कवायद के ही पति-पत्नी दो अलग-अलग वार्डों से भी निर्विरोध पंच चुने जा सकते हैं। जिला मुख्यालय बैतूल से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत रोंढा के प्रदीप डिगरसे और उनकी पत्नी कविता डिगरसे इसकी जीवंत मिसाल हैं, जिन्हें पंचायत के दो अलग-अलग वार्डों से निर्विरोध पंच चुन लिया गया है।

    रोंढा ग्राम पंचायत में 19 वार्ड हैं, जिनमें से ओबीसी के 5 वार्डों को छोड़कर शेष 14 वार्डों के लिए निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इन 14 में से वार्ड नंबर 14 और 17 सभी के आकर्षण का केंद्र बने हैं। वजह यह है कि इन दोनों वार्डों में एक ही दम्पती पंच चुने गए हैं। वार्ड 14 के पंच प्रदीप डिगरसे चुने गए हैं तो वार्ड 17 में उनकी ही पत्नी कविता डिगरसे निर्विरोध पंच चुनी गई हैं। इनकी जीत की अब केवल आधिकारिक घोषणा भर बाकी है।

    प्रदीप बताते हैं कि ग्रामीणों ने पहले ही तय कर लिया था कि वे शिक्षित और काबिल उम्मीदवारों को ही चुनेंगे जो उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरे। इसलिए हम पति-पत्नी दोनों पर ग्रामीणों ने भरोसा जताया और दो अलग-अलग वार्डों की बागडोर सौंपी है। गौरतलब है कि प्रदीप डिगरसे गणित और कम्प्यूटर में पोस्ट ग्रेजुएट हैं तो उनकी पत्नी कविता डिगरसे एमसीए ( मास्टर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन) हैं। प्रदीप आगे कहते हैं कि वे वार्डवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

    कविता का कहना है कि जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भी गांव में विकास दूर-दूर तक नजर नहीं आता है तो कहीं शासन की योजना का सही लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। गाँव की गरीब जनता को अपने अधिकारों से अवगत कराने और हक दिलाने, उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने, गांव के विकास को लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हमने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के हम पूरे प्रयास करेंगे।

    सरपंच के लिए इन दो प्रत्याशियों में मुकाबला
    रोंढा पंचायत में सरपंच के चयन के लिए जरूर मुकाबला होगा। सरपंच पद अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। यहां सरपंच बनने 2 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सविता सालकू कवड़े और विमला संजू धुर्वे शामिल हैं। सविता कवड़े को चश्मा और विमला धुर्वे को गिलास चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है।

    यह 14 उम्मीदवार चुने गए निर्विरोध पंच
    पंचायत में 14 पंच निर्विरोध चुन लिए गए है और केवल 5 ओबीसी के लिए आरक्षित पंचों का ही चुनाव बाकी हैं। निर्विरोध चुन लिए गए पंचों में सुमित्रा महेंद्र पवार, मालती प्रदीप चौधरी, निर्मला संदीप डिगरसे, संदीप श्यामकिशोर डिगरसे, शैलेंद्र मोहनलाल पवार, सरोज चुन्नीलाल चौधरी, वंदना भीम डोंगरे, राजेश मारुतीराव कोड़ले, प्रदीप श्यामकिशोर डिगरसे, रामकला मोहनलाल पवार, आशा चन्द्रेश ओमकार, कविता प्रदीप डिगरसे, दिनेश मारुतीराव कोड़ले और मुन्नी बाई बलदेव शामिल हैं।

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