खगोलीय अजूबा: 22 दिसंबर को होगा सबसे छोटा दिन, मात्र 10.41 घण्टे रहेगा उजाला

सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण और मकर रेखा पर लंबवत होने से बनेगी यह स्थिति

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    बुधवार 22 दिसंबर को साल का सबसे छोटा दिन होगा वहीं रात सबसे बड़ी होगी। इसकी वजह यह है कि 22 दिसम्बर 2021 को सूर्य मकर रेखा पर लम्बवत् होगा। इस दिन सूर्य की क्रान्ति 23 अंश 26 कला 14 विकला दक्षिण होगी। इससे उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन तथा सबसे बड़ी रात होगी।

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    शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रकाश गुप्त के मुताबिक 22 दिसम्बर को उज्जैन में सूर्योदय 7 बजकर 5 मिनट तथा सूर्यास्त 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। 22 दिसम्बर को दिन की अवधि 10 घन्टे 41 मिनट तथा रात की अवधि 13 घन्टे 19 मिनट की होगी। 22 दिसम्बर को सूर्य सायन मकर राशि में प्रवेश करता है।

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    इस दिन सूर्य मकर राशि में 0 अंश 36 कला 55 विकला पर होगा। 22 दिसम्बर के बाद सूर्य की गति उत्तर की ओर दृष्टिगोचर होना प्रारम्भ हो जाती है, जिसे उत्तरायन का प्रारम्भ कहते हैं। सूर्य की उत्तर की ओर गति होने के कारण अब उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे तथा रात छोटी होने लगेगी। 21 मार्च को सूर्य विषुवत रेखा पर होगा, तब दिन-रात बराबर होंगे।

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    शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन में इस घटना को शंकु यन्त्र के माध्यम से प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। इस दिन शंकु की छाया सबसे लम्बी होकर पूरे दिवस मकर रेखा पर गमन करती हुई दृष्टिगोचर होगी। इस घटना को धूप होने पर ही हम देख सकेंगे। अधीक्षक डॉ. गुप्त ने सभी से अनुरोध किया है कि वेधशाला आकर इस खगोलीय घटना के साक्षी बनें।

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