मारपीट से थी परेशान, पत्नी ने ही परिजनों के साथ मिलकर की थी पति की हत्या

आमला में दो दिन पहले हुई रेलकर्मी की हत्या के मामले का पुलिस ने किया खुलासा

  • अंकित सूर्यवंशी, आमला
    बैतूल जिले के आमला शहर में 2 दिन पहले हुई रेलकर्मी की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। रेलकर्मी की हत्या उसकी पत्नी ने ही अपने परिजनों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने हत्या किए जाने की बात स्वीकार कर ली है। घटना के दिन भी मृतक द्वारा पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर देने और रोकने पर रिश्तेदार के साथ भी गाली-गलौज करने से उन्हें हत्या करने जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।

    मुलताई एसडीओपी नम्रता सोंधिया ने बताया कि विगत 11 दिसंबर को संगीता पत्नी युवराज परिहार (33) निवासी वार्ड नंबर 7 गोविंद कॉलोनी आमला ने रिपोर्ट लिखवाई थी कि उसका पति युवराज परिहार रेल्वे मे तिगांव मे नौकरी करता है जो 10 दिसंबर की शाम करीब 7.30 बजे घर आया था जो थोड़ी देर बातचीत करने के बाद बिना खाना खाए घर से चला गया था। रात में घर वापस नहीं आया। दूसरे दिन सुबह 7.30 बजे देखा तो युवराज घर के पास में बबूल के नीचे पड़ा हुआ था। उसे आटो से शासकीय अस्पताल आमला लेकर आए तो डॉक्टर ने चेक करके मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।

    पीएम रिपोर्ट में हुई गला दबाने की पुष्टि
    मृतक युवराज परिहार के शव का विधिवत पीएम कराया गया तथा रिपोर्ट प्राप्त की गई। पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा मृतक की मृत्यु गला दबाने से होना बताया गया। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के द्वारा टीम गठित कर प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच कर अज्ञात आरोपी की शीघ्र पतासाजी करने के निर्देश दिए गए। विवेचना के दौरान पाया गया कि मृतक के शरीर पर गले के अतिरिक्त अन्य किसी स्थान पर चोट के कोई निशान नहीं है। परिजनों के द्वारा भी घर से मात्र 15-20 मीटर की दूरी पर पड़ा होना बताया गया। यह भी ज्ञात हुआ कि मृतक की 11 दिसंबर को आमला कोर्ट में चैक बाउंस के मामले में पेशी है तथा उसी प्रकरण मे राजीनामा करने के लिए रुपये लेकर मृतक की मां चुनिया बाई ने अपने रिश्तेदार कैलाश देशमुख निवासी पोहर एवं मनोहर कालभोर निवासी जौलखेड़ा को दोपहर में पैसे लेकर घर पर बुलवाई थी। कैलाश देशमुख तो दोपहर में ही आमला से अपने गांव चला गया था किंतु मनोहर कालभोर के वापस जाने की कोई पुष्टि नहीं हो पा रही थी।

    सख्ती से पूछताछ पर किया कबूल
    परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर आरोपी कोई नजदीकी ही होने की संभावना से उक्त मनोहर कालभोर को अभिरक्षा में लेकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई। उसने शुरूआत में कभी कुछ, कभी कुछ बताकर गुमराह करते रहा किंतु जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने जुर्म स्वीकार कर बताया कि घटना दिनांक को शाम करीब 6.30 बजे युवराज स्पेशल गाड़ी लेकर तिगांव से आमला जनपद चौक तक आया था। गोविंद कॉलोनी से युवराज को लेने के लिए मनोहर कालभोर स्वयं आया और गाड़ी वाले को एक हजार रुपये किराये के दिया। इसके बाद गाड़ी वाला वापस चला गया। मृतक युवराज परिहार अपने साथ दारू लेकर आया था। इसके बाद युवराज और मनोहर कालभोर दोनों ने शराब पी और फिर घर गये।

    इन कारणों से बने हत्या के हालात
    घर पर मृतक युवराज का अपनी पत्नी संगीता परिहार से झगड़ा हुआ। युवराज ने संगीता को जूता फेंककर मारा और गला पकड़कर दबाने लगा। मनोहर कालभोर ने बीच बचाव का प्रयास किया तो युवराज मनोहर कालभोर को भी गंदी-गंदी गालियां देने लगा। मनोहर कालभोर को गालियां बुरी लगी तो उसने भी युवराज का गला पकड़ लिया और दबाने लगा। इससे युवराज नीचे गिर गया फिर संगीता ने अपने आप को छुड़ाकर एक नायलोन की रस्सी मनोहर कालभोर को दी और युवराज के हाथ पकड़कर रखी। मनोहर कालभोर ने नायलोन की रस्सी युवराज के गले में लपेटकर जोर से खींच दिया। इससे युवराज की मृत्यु हो गई। इसके बाद मनोहर कालभोर ने मोबाइल लगाकर अपने साढू भाई के लड़के शेखर देशमुख को बुलाया। शेखर अपने पिता की मोटर साइकिल से दोस्त आशीष पवार के साथ ग्राम पोहर से आमला मृतक के मकान पर आया। यहां पर मनोहर कालभोर, शेखर देशमुख और आशीष पवार तीनों ने मृतक युवराज परिहार के शव को किसी को शंका न हो इसलिए घर से उठाकर बाजू में बबूल के पेड़ के नीचे अंधेरे मे ले जाकर लिटा दिया और वापस अपने गांव चले गए। मृतक की पत्नी सुनीता परिहार ने नायलोन की रस्सी भी लकड़ी की आलमारी में छिपा दी और दूसरे दिन आसपास वालों के सहयोग से मृतक युवराज को आटो से अस्पताल लेकर आई और थाने पर झूठी रिपोर्ट लिखवाई कि उसका पति रात भर घर नहीं आया था।

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    घरवालों को भी परेशान करता था मृतक
    पुलिस ने आरोपी मनोहर कालभोर पिता हगरिया कालभोर (51) निवासी जौलखेड़ा को गिरफ्तार कर उसके मेमोरेण्डम के आधार पर आरोपी शेखर देशमुख पिता कैलाश देशमुख (20) निवासी ग्राम पोहर, आशीष डोंगरदिये पिता प्रेमलाल डोंगरदिये (21) निवासी ग्राम पोहर एवं मृतक की पत्नी संगीता परिहार पति युवराज परिहार (33) निवासी गोविंद कॉलोनी आमला को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने भी जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक शराब पीने का आदि था और आए दिन पत्नी संगीता से झगड़ा, मारपीट करता था। घरवालों को भी परेशान करता था। उस दिन भी घर आते से ही संगीता से झगड़ा करने लगा और गला पकड़कर दबाने लगा था। इस कारण आवेश में आकर युवराज की गला दबाकर हत्या कर दिये। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपी संगीता परिहार के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हरे रंग की नायलोन की रस्सी बरामद कर ली है। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में पुलिस थाना आमला एवं सायबर सेल बैतूल की भूमिका रही।

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