चार साल से अलग रह रहे पति-पत्नी साथ रहने को हुए राजी

आमला में नेशनल लोक अदालत में 45 प्रकरणों का समझाइश से निराकरण

  • अंकित सूर्यवंशी, आमला
    विगत 4 वर्षों से भी अधिक समय से अलग रह रहे पति-पत्नी का परिवार जब टूटने की कगार पर पहुंच गया तो आवेदिका के वकील राजेंद्र उपाध्याय ने न्यायाधीश एनएस ताहेड से अनुरोध किया कि प्रथम अपर जिला न्यायाधीश मुलताई शालिनी शर्मा के न्यायालय में मध्यस्थता कार्यवाही हेतु केस भेजा जाएं। मध्यस्थता की कार्रवाई के दौरान दोनों पति-पत्नी अपनी अपनी शिकायतें न्यायाधीश को सुनाने लगे। वे कहने लगे कि हम किसी भी कीमत पर साथ-साथ नहीं रह सकते। पति ने कहा कि मैं पहले भी अपनी पत्नी को न्यायालय से राजीनामा करके ले गया हूं। अब मैं इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता। तलाक के अलावा कोई विकल्प शेष बचा नहीं है। पत्नी से मुझे बहुत सारी समस्याएं हैं l पत्नी ने कहा मैं पति के साथ जाने को तैयार हूं पर मेरी कुछ डिमांड हैं। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुना, पक्षकारों को सुना और पति-पत्नी को अलग-अलग भी सुना। पत्नी को समझाया कि समर्पण से परिवार और पति के मध्य सामंजस्य बनाया जा सकता है। उन्हें साथ-साथ जाने की समझाइश दी। पति ने कहा कि मैं इसे अपने घर लेकर नहीं जाऊंगा, तो न्यायाधीश ने कहा तुम पत्नी के घर चले जाओ। पत्नी कहने लगी मैं अपने पति के साथ ही रहूंगी। अंततः पति-पत्नी के साथ-साथ रहने पर सहमति बनी। उन्हें समझाइश दी गई कि लगभग 1 माह साथ-साथ रहो, दोनों पक्ष अपने-अपने अहम छोड़ एक-दूसरे की गलतियों को निकालना छोड़कर समर्पण भाव से साथ-साथ रहो और फिर न्यायालय में रिपोर्ट करना। इस बीच मध्यस्थता की कई कार्यवाही हुई और अंततः नेशनल लोक अदालत में 11 दिसंबर 2021 को न्यायाधीश अतुलराज भलावी, एनएस ताहेड, रीना पिपलिया द्वारा दी समझाइश के उपरांत पति-पत्नी राजी खुशी अपने घर चले गए और न्यायपालिका को थैंक यू सो मच कहा। न्यायाधीश ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सफलतम वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दी। यह अवसर था नेशनल लोक अदालत का। आमला न्यायालय में लगभग 45 प्रकरणों का निराकरण हुआ।
    चेक बाउंस प्रकरण भी सुलझा
    नगर पालिका परिषद आमला में ठेकेदार द्वारा लगभग 93000 का चेक नगर पालिका परिषद को दिया था जो बाउंस हो गया था। इसका प्रकरण नगर पालिका परिषद ने प्रस्तुत किया था जिसमें ठेकेदार 100000 से अधिक देने को तैयार नहीं था तो नगर पालिका परिषद 135000 से कम मानने को तैयार नहीं थी। अपर सत्र न्यायाधीश एवं मध्यस्थों के अथक प्रयास से 110000 में सुलह हो गई। लोक अदालत का शुभारंभ अतुल राज भलावी ने दीप प्रज्जवलित कर महात्मा गांधी और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के सदस्य, पक्षकार, जनप्रतिनिधि, विभिन्न बैंकों के कर्मचारी, लोक अदालत में उपस्थित थे। सभी ने न्यायाधीशों के प्रयास के लिए न्यायालय को धन्यवाद कहा।

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