देखें वीडियो… पेड़ में बुरी तरह फंस गया था भालू, इस तरह किया गया रेस्क्यू

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और वन विभाग की टीम संयुक्त रूप से चलाया बचाव अभियान

Watch video… the bear was badly trapped in the tree, this is how the rescue was done

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    बैतूल वन वृत्त के दक्षिण मंडल के अंतर्गत आने वाले मुलताई परिक्षेत्र में सदाप्रसन्न घाट के वन क्षेत्र में बुधवार को एक भालू पेड़ में बुरी तरह फंस गया था। उसे विषम परिस्थितियों के बीच वन विभाग एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया।
    वन मंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सामान्य) पुनीत गोयल ने बताया कि भालू के वृक्ष के बीच फंसे होने की सूचना स्थानीय बीटगार्ड द्वारा परिक्षेत्र अधिकारी मुलताई को दी गई थी। सूचना उपरांत बीट-सावरी के कक्ष क्रमांक पीएफ-939 की दुर्गम पहाड़ी पर पहुंचकर भालू के फंसे होने का मुआयना किया गया। इसके पश्चात 8 दिसंबर को एसटीआर टीम को बुलाकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम के गुरुदत्त शर्मा एवं उप वनमंडलाधिकारी मुलताई जीएल जौनवार, वन परिक्षेत्र अधिकारी मुलताई एवं स्टाफ की उपस्थिति में संयुक्त रूप से रेस्क्यू कर भालू को जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।

    वन्य प्राणी की उपस्थिति की सूचना वन विभाग को दें
    वन विभाग को वन परिक्षेत्र-मुलताई, आमला एवं ताप्ती के अंतर्गत वन्यप्राणी बाघ (टाइगर) आने की सूचनाएं ग्रामीणों द्वारा दी जा रही है। जामुनझिरी, केकडिय़ा, जौलखेड़ा, जम्बाड़ी, खतेड़ाकला, पंखा, सावरी आदि ग्रामीण क्षेत्रों से सूचनाएं मिल रही है कि उक्त क्षेत्रों में बाघ घूम रहा है। वन मंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सामान्य) श्री पुनीत गोयल ने बताया कि वन विभाग की टीम द्वारा बार-बार क्षेत्रों में जाकर देखा गया है, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से किसी भी ग्रामीण एवं वन अमला को स्पष्ट रूप से बाघ (टाइगर) दिखाई नहीं दिया है। मौका मुआयना में कहीं बाघ की उपस्थित के चिन्ह वर्तमान में इस क्षेत्र में नहीं देखे गए हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रकाश में आया है कि भयवश अथवा अन्य कारणों से बाघ की उपस्थिति की अफवाहें सोशल मीडिया में फैल रही है। वन मंडलाधिकारी ने सभी से अपील की है कि इस प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें, ना ही अफवाहें फैलाएं। यदि किसी को वन्य प्राणी की उपस्थिति के पदचिन्ह मिलते हैं तो स्थानीय वन विभाग के अमले को सूचित करें ताकि इस बात की पुष्टि कर समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।
    वन विभाग ने जारी किए मोबाइल नंबर
    वन्य प्राणी दिखाई देने की सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी मुलताई के मोबाइल नंबर 9424790406, वन परिक्षेत्र अधिकारी आमला के मोबाइल नंबर 9424790404 एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी ताप्ती के मोबाइल नंबर 9424790405 पर दी जा सकती है।

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