यह तो हद हो गई: ऑनलाइन भुगतान के बावजूद दोबारा ले गए बिल

बैतूल में बिजली कंपनी की लापरवाह कार्यशैली का देखने को मिला नमूना

उपभोक्ता ने 26 नवंबर को ही कर दिया था ऑनलाइन भुगतान।
  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    बैतूल में बिजली कंपनी द्वारा अजीबो गरीब कारनामे किए जा रहे हैं। एक उपभोक्ता द्वारा ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान कर दिए जाने के बावजूद उनसे कंपनी के कर्मचारी ने घर पहुंच कर दोबारा बिल का भुगतान करवा लिया। एक ओर बिजली कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर खुद का सिस्टम ही अपडेट नहीं किया जा रहा है। इससे एक ओर जहां उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है।
    4 दिसंबर को बिजली कर्मचारी ने हार्ड कॉपी थमाकर दोबारा ले ली बिल राशि।

    बैतूल शहर के गंज क्षेत्र के निवासी एक उपभोक्ता (क्रमांक एन-2317006814) के साथ ऐसा ही वाकया हाल ही में हुआ। इन उपभोक्ता के द्वारा 26 नवंबर को फोन पे के जरिए अपना 2044 रुपये का बिल आखरी तारीख के पहले भुगतान कर दिया गया था। बिल भुगतान करने के बाद वे यह सोचकर निश्चिंत हो गए थे कि उन्होंने अपना बिल भुगतान कर दिया है। इसके बावजूद 4 दिसंबर को कुछ बिजली कर्मचारी उनके बिल की हार्ड कॉपी लेकर उनके घर आ धमके। बिल देख कर उपभोक्ता के परिजनों को लगा कि शायद भूलवश बिल नहीं भरा होगा। इस पर परिजनों ने कर्मचारी को बिल का भुगतान नकद कर दिया। यह राशि जमा भी हो गई।

    अब यहां सवाल उठता है कि जब उपभोक्ता द्वारा 4 दिसंबर से 8 दिन पूर्व ही ऑनलाइन बिल भुगतान कर दिया गया था तो उसे कम्प्यूटर में अपडेट क्यों नहीं किया गया। इसमें गलती किसकी है। बिजली कंपनी द्वारा जब बिजली का बिल समय पर नहीं भरने पर पेनाल्टी ली जाती है तो यहां तो 2-2 बार भुगतान ले लिया गया। अब उपभोक्ता की मांग है कि बिजली कंपनी की इस गलती का खामियाजा वे क्यों भुगते, उन्हें या तो इस राशि का ब्याज देना चाहिए या फिर उनके पैसे वापस किए जाने चाहिए।

    कर्मचारी कोई पुरानी सूची ले गया होगा, इसलिए ऐसी स्थिति बनी होगी। हम इसे संज्ञान में लेकर दिखवा लेते हैं और अपडेट करवा देंगे।
    आरके नकुल, प्रबंधक, बैतूल

  • Get real time updates directly on you device, subscribe now.

    Leave A Reply

    Your email address will not be published.