सूर्य तो है सुलभ पर उसका ग्रहण क्यों है दुर्लभ… जानिए नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका से

छोटा चंद्रमा लगाता है पृथ्वी के एक छोटे भाग पर सूर्यग्रहण, दुर्लभ होती है दृश्यता

चार दिसंबर शनिवार के सूर्य ग्रहण पर विशेष

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881

    शनिवार 4 दिसम्बर को अंटार्कटिका क्षेत्र में पूर्ण सूर्यग्रहण तथा दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में आंशिक सूर्यग्रहण की घटना दिखने जा रही है। यह भारत में तो नहीं होगा लेकिन इसे ऑनलाईन देखा जा सकेगा।

    किसी शहर या प्रदेश में ग्रहण को देखने में इंतजार के बारे में वैज्ञानिक जानकारी देते हुये नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि हर साल दो से पांच सूर्य ग्रहण होते हैं, लेकिन इसे एक दुर्लभ दृश्य माना जाता है क्योंकि आकार में छोटे चंद्रमा के पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाने से सूर्यग्रहण पृथ्वी के एक बहुत ही संकरे रास्ते पर दिखाई देता है। दूसरी ओर चंद्र ग्रहण पृथ्वी के रात वाले हर स्थान से दिखाई देता है इसलिये चंद्रग्रहण दुर्लभ नहीं होता है।

    सारिका ने बताया कि एक ही साल में पांच सूर्य ग्रहण भी हो सकते हैं, लेकिन यह घटना अत्यंत दुर्लभ होती है। नासा की गणना के अनुसार पिछले 5 हजार सालों में केवल 25 साल ऐसे रहे हैं जिनमें पांच सूर्यग्रहण हुये हैं। पिछली बार ऐसा 1935 में हुआ था और अगली बार सन 2206 में होगा। आज तो मौसमी बादलों ने प्रदेश में सूर्य की दृश्यता कम कर दी है, लेकिन आगामी 25 अक्टूबर 2022 को भारत में चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य का दिखना कुछ देर के लिये कम करेगा और यहां आंशिक सूर्यग्रहण की घटना देखी जा सकेगी।

    अगले 5 सूर्य ग्रहणों की यह रहेगी स्थिति
    सारिका ने अगले पांच सूर्यग्रहण की जानकारी दी है जो इस प्रकार रहेंगे….
    ■ 4 दिसम्बर 2021 को पूर्ण सूर्यग्रहण रहेगा जो भारत में नहीं दिखेगा।
    ■ 30 अप्रैल 2022 को आंशिक सूर्यग्रहण रहेगा जो भारत में नहीं दिखेगा।
    ■ 25 अक्टूबर 2022 को आंशिक सूर्यग्रहण रहेगा जो भारत तथा मध्यप्रदेश में दिखेगा।
    ■ 20 अप्रैल 2023 को पूर्ण सूर्यग्रहण रहेगा जो भारत में नहीं दिखेगा।
    ■ 14 अक्टूबर 2023 को वलयाकार सूर्यग्रहण रहेगा जो भारत में नहीं दिखेगा।