सूर्य ग्रहण: भारत में रहेगी चटक धूप पर अंटार्कटिका में छा जाएगा अंधेरा

सोशल मीडिया पर सूर्यग्रहण के अवैज्ञानिक तथ्य कहीं लगा न दें आपकी समझ पर ग्रहण: सारिका घारू

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    वैसे तो हमारे देश में सूर्यग्रहण देखने के लिये लगभग एक साल का इंतजार बाकी है, लेकिन पृथ्वी के अन्य भागों पर होने वाले ग्रहण को आपके अपने शहर में ऑनलाईन तो देखा ही जा सकता है। आगामी शनिवार 4 दिसम्बर को पृथ्वी के अंटार्कटिका क्षेत्र में पूर्ण सूर्यग्रहण तथा दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में आंशिक सूर्यग्रहण की घटना दिखने जा रही है। ग्रहण की वैज्ञानिक जानकारी देते हुए नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि अगर आप ऑनलाईन ग्रहण देखना चाहते हैं तो यह ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दिन में 10 बजकर 59 मिनिट से आरंभ होकर दोपहर बाद लगभग 3 बजकर 7 मिनिट पर समाप्त होगा। दोपहर 1 बजकर 3 मिनिट 26 सेकड़ पर अधिकतम ग्रहण रहेगा।

    सारिका ने बताया कि जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो पृथ्वी के कुछ भाग से सूर्य का दिखना बंद या कम हो जाता है, इसे सूर्यग्रहण कहते हैं। सूर्य चंद्रमा से चार सौ गुना बड़ा है और चंद्रमा से 400 गुना अधिक दूर भी है, इसलिए ऐसा लगता है कि सूर्य और चंद्रमा दोनों की डिस्क आकार में समान है जिससे पूर्णग्रहण होता है। सारिका ने जानकारी दी कि सूर्यग्रहण चार प्रकार के होते हैं। पूर्ण सूर्यग्रहण (Total solar eclipse), वलयाकार सूर्यग्रहण (Annular solar eclipse), आंशिक सूर्यग्रहण (Partial solar eclipse) एवं हाईब्रिड सूर्यग्रहण (Hybrid solar eclipse)। हाईब्रिड सूर्यग्रहण में कुछ स्थानों पर वह पूर्ण तो कुछ स्थानों पर वलयाकार ग्रहण के मिले-जुले रूप में दिखता है। सारिका ने बताया कि सोशल मीडिया के इस दौर में पृथ्वी के अन्य भागों पर दिखने जा रहे ग्रहण के प्रभावों को बढ़-चढ़ कर कई दिनों पहले से आरंभ कर दिया जाता है। इन तथ्यों के प्रति आमलोगों में वैज्ञानिक जागरूकता की आवश्यकता है। अगर आप भारत में आपके अपने शहर में आंशिक सूर्यग्रहण को प्रत्यक्ष देखना चाहते हैं तो 25 अक्टूबर 2022 का इंतजार करना होगा।

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