पत्रकार हितैषी योजना को पलीता लगा रही बीमा कंपनी

चार माह पूर्व भेजे गए क्लेम का आज तक नहीं मिला भुगतान

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    मध्यप्रदेश शासन द्वारा जनमानस के लिए कई जन हितैषी योजना का संचालन किया जा रहा है, लेकिन कई ऐसी योजनाएं फलीभूत होती नजर नहीं आ रही है। इनमें से एक है शासन द्वारा चलाई जा रही पत्रकार बीमा योजना। इस योजना में बीमा कंपनी द्वारा क्लेम का भुगतान करने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। क्लेम आवेदन बीमा कंपनी को भेजने के बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी बीमा धारक को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
    बीमा धारक महेश साहू ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत वर्ष 2020 में जनसंपर्क विभाग द्वारा चलाई जा रही पत्रकार बीमा योजना में अपने और अपने परिवार का बीमा करवाया था। विगत दिनों उन्होंने अपनी मां का उपचार बैतूल के एक निजी अस्पताल में करवाया। ऑपरेशन एवं मेडिकल के समस्त बिल उन्होंने लगभग 4 माह पूर्व अगस्त माह में बीमा कंपनी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रेषित कर दिए थे, लेकिन 4 माह बीत जाने के बाद भी बीमा कंपनी द्वारा क्लेम का भुगतान नहीं किया जा रहा है। श्री साहू ने बताया कि बीमा कंपनी द्वारा कई नियमों का हवाला देते हुए बीमा क्लेम देने में टाला मटोली की जा रही है।
    सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत
    इस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज की गई है, लेकिन वहां से भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले में निजी चिकित्सालय द्वारा पहले तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा था, इस पर बीमा कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कहा गया कि हॉस्पिटल द्वारा सर्टिफिकेट के लिए जो ऑनलाइन आवेदन किया गया है उसका नंबर बीमा कंपनी को प्रेषित कर देंगे तो वह भुगतान कर देंगे।
    सर्टिफिकेट देने का भी नहीं असर
    आवेदक ने हॉस्पिटल संचालक से ऑनलाइन सर्टिफिकेट का आवेदन नंबर लेकर बीमा कंपनी को प्रेषित कर दिया, लेकिन बीमा कंपनी इसके बावजूद भी नियमों का हवाला देकर क्लेम भुगतान देने से इंकार कर रही है। ऐसी स्थिति में आवेदक ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में शीघ्र कार्यवाही करते हुए बीमा क्लेम भुगतान शीघ्र करवाने की मांग की है।

  • Get real time updates directly on you device, subscribe now.

    Leave A Reply

    Your email address will not be published.