कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण है भी और नहीं भी

देश और प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग रहेगी स्थिति

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    गुरु नानक देव जयंती एवं कार्तिक पूर्णिमा का उदित होता चंद्रमा भारत और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों एवं शहरों के लिए अलग-अलग चांदनी के साथ आकाश में होगा। ऐसा इस साल के अंतिम चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना के कारण होगा।
    नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने जानकारी देते हुए बताया कि अरुणाचल प्रदेश के उत्तरी भाग में चंद्रमा आंशिक ग्रहण (पार्शियल लुनार इकलिप्स) के साथ उदित होगा तो पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चंद्रमा उपछाया ग्रहण (पेनुम्ब्रल लुनार इक्लिप्स) की स्थिति में होगा। मध्य प्रदेश के उत्तर पूर्वी 26 जिलों में उपछाया ग्रहण घटित होगा, लेकिन महसूस नहीं होगा। जबकि मध्य एवं पश्चिमी 26 जिलों में यह चंद्र ग्रहण न तो होगा न ही दिखेगा।
    सुबह 11.32 बजे से शुरू होगा ग्रहण
    सारिका ने जानकारी दी कि यह ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दिन में 11 बजकर 32 मिनिट पर आरंभ होगा और शाम 5 बजकर 34 मिनिट पर समाप्त होगा। इस समय भारत में दिन होगा तथा चंद्रोदय नहीं होगा। इसलिए इसे देखा नहीं जा सकेगा, लेकिन शाम होते-होते भारत के पूर्वी राज्यों तथा मध्य प्रदेश के 26 जिलों में उदित होता चंद्रमा उपछाया ग्रहण वाला होगा। उपछाया ग्रहण में चंद्रमा की चमक में इतना कम अंतर आता है कि खाली आंखों से महसूस नहीं किया जा सकता है। इसलिए इन 26 जिलों में ग्रहण की खगोलीय घटना तो होगी पर महसूस नहीं होगी। देश के जिन स्थानों पर इसके बाद चंद्रमा शाम 5 बजकर 34 मिनिट के बाद उदित होगा वहां न तो ग्रहण घटित होगा न दिखेगा।
    छह घंटे से अधिक का होगा ग्रहण
    सारिका के अनुसार इस ग्रहण की कुल अवधि 6 घंटे 2 मिनट होगी आंशिक ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट होगी। ग्रहण कभी अकेला नहीं आता चंद्रग्रहण के दो सप्ताह बाद या तो पहले सूर्य ग्रहण आता है। इस बार भी इस ग्रहण के बाद 4 दिसंबर को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा । लेकिन इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। जब परिक्रमा करते हुए चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती तो सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता, जिससे पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा की चमक कम हो जाती है। इसे चन्द्रग्रहण कहते हैं। यह पूर्ण, आंशिक एवं उप छाया तीन प्रकार का हो सकता है।
    प्रदेश के इन शहरों में रहेगा असर
    सिंगरौली में शाम 5.13 से 5.33 बजे तक, सीधी में 5.16 से 5.33, रीवा में 5.18 से 5.33, अनूपपुर में 5.19 से 5.33, सतना में 5.20 से 5.33, शहडोल में 5.20 से 5.33, मंडला में 5.26 से 5.33, दमोह में 5.25 से 5.33, छतरपुर में 5.25 से 5.33, जबलपुर में 5.26 से 5.33, बालाघाट में 5.28 से 5.33, दतिया में 5.28 से 5.33, ग्वालियर में 5.28 से 5.33, मुरैना में 5.29 से 5.33, सिवनी में 5.30 से 5.33, नरसिंहपुर में 5.30 से 5.33, टीकमगढ़ में 5.30 से 5.33, सागर में 5.30 से 5.33, उमरिया में 5.31 से 5.33, शिवपुरी में 5.32 से 5.33, अशोकनगर में 5.32 से 5.33 और छिंदवाड़ा में शाम 5.32 से 5.33 बजे तक ग्रहण घटित होगा। इनके अलावा मप्र के अन्य जिलों में न तो ग्रहण घटित होगा न दिखेगा।