इस तरह पूरी हुई यश की पहली राइड, साथियों ने नहीं टूटने दिया हौसला

आल्हादित पिता अभिमन्यु श्रीवास्तव ने किया साइकिलिंग ग्रुप के जज्बे को सलाम

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    ‘ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं है, ये इस साइकिलिंग ग्रुप के जस्बे की कहानी है। आज सुबह बच्चों के साइकिलिंग के दौरान जब यश की साईकिल की चेन उतर गई और 2-3 बार ठीक करने के बाद भी बार-बार उतरती रही तो इन दो साथियों ने मिलकर इसका सफर सपोर्ट के साथ पूरा करवाया। यश की ये पहली राइड थी और मुझे इसकी फिकर भी थी कि कहीं राइड पूरा नहीं कर पाए, लेकिन सभी के सहयोग से उसने अपने जीवन की पहली राइड एक पॉजिटिव नोट के साथ पूरी की।मुझे विश्वास है कि उसकी मनुस्मृति में हमेशा इस प्रकार के सहयोग और समर्पण की भावना बनी रहेगी जो उसे आप सबसे सीखने को मिला। यही सहयोग और समर्पण इस ग्रुप को सबका चहेता बना रहा है।
    धन्यवाद साथियों, आपकी सेवा भावना को, सबको साथ लेकर चलने का आपके इस प्रयास को सैलूट…! यह मनोभाव हैं, एमपी विनियर के महाप्रबंधक अभिमन्यु श्रीवास्तव के जो उन्होंने अपने बेटे यश की पहली साइकिल राइड पूरी होने पर व्यक्त किए। शहर के साइकिलिंग क्लब के वे महत्वपूर्ण सदस्य हैं और साथ ही बेटे यश को भी लगातार साथ रखकर साइकिलिंग करवाते हैं। कल यश जीवन की पहली राइड में हिस्सा ले रहा था। इससे पहले से ही श्री श्रीवास्तव के दिलोदिमाग में कई तरह के सवाल घुमड़ रहे थे कि यश सफलता के साथ साइकिलिंग कर पाएगा कि नहीं, उसका रवैया कैसा रहेगा, अन्य सदस्य कैसा रिएक्ट करेंगे… आदि-आदि, लेकिन यश के पहली राइड इस सहयोगी अंदाज में पूरी होने से वे आश्वस्त हैं कि ऐसे सहयोगी साथियों के होते हुए यश का हौसला तो कभी कम होगा नहीं, बल्कि उसमें भी सहयोग, समर्पण और सबको साथ लेकर चलने की भावना लगातार बढ़ती जाएगी और उसका भविष्य निश्चित ही बेहद उज्ज्वल रहेगा।

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