किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक को नहीं मिला कार्यालय, पंडाल में करवानी पड़ी पत्रकार वार्ता

किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं की जानकारी साझा करने किया था आयोजन


उत्तम मालवीय (9425003881)◆
बैतूल। जिले में भारतीय जनता पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी साफ तौर से दो धड़ों में बंट गई है। इन्हीं बातों को उजागर करते हुए एक और घटनाक्रम रविवार शाम को हो गया। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक (शोध) प्रवीण गुगनानी ने आज भाजपा कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता रखी थी पर कार्यालय में ताला लटका हुआ था। ऐसे में उन्हें कार्यालय के बाहर आनन फानन में पंडाल लगाकर पत्रकार वार्ता करना पड़ा।

किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक (शोध) श्री गुगनानी ने आज शाम 4.30 बजे से भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के लिए अखबारनवीसों को आमंत्रित किया था। पत्रकार वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषक हित की योजनाओं व विशेषतः किसान सम्मान निधि के संदर्भ में आयोजित की गई थी। इस आमंत्रण पर जब पत्रकार भाजपा कार्यालय पहुंचे तो वहां कार्यालय में ताला लटका मिला। यह देखकर पत्रकार भी चौक गए। कार्यालय के सामने ही पंडाल लग रहा था।

कार्यालय में ताला, पंडाल में हुई पत्रकार वार्ता

श्री गुगनानी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यहीं (पंडाल में) पत्रकार वार्ता होगी। पंडाल लगने के बाद वहीं पर पत्रकार वार्ता हुई। कार्यालय के भीतर पत्रकार वार्ता नहीं होने और ताला लगा होने को लेकर बार-बार पूछे जाने के बावजूद श्री गुगनानी ने इस बारे में कुछ भी कहे जाने से इंकार कर दिया हालांकि इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं एक बार फिर शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का यह मानना भी है कि पिछले दिनों भाजपा कार्यालय पर लगे एक झंडे को लेकर श्री गुगनानी और भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य (बबला) शुक्ला के आमने-सामने आ जाने और मीडिया में लगे आरोप-प्रत्यारोप के चलते यह स्थिति निर्मित हुई है। हालांकि भाजपा जिला अध्यक्ष श्री शुक्ला ने जानबूझकर ऐसा किए जाने या किसी तरह का मनमुटाव होने से साफ इंकार किया है।

कार्यालय नहीं देने या मनमुटाव जैसी कोई बात नहीं: आदित्य शुक्ला

इस संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य (बबला) शुक्ला ने ‘बैतूल अपडेट’ से चर्चा में कहा कि भाजपा कार्यालय नहीं दिए जाने जैसी कोई बात ही नहीं है। रविवार को कार्यालय बंद रहता है और उन्होंने (श्री गुगनानी ने) आज ही पत्रकार वार्ता के बारे में मुझे जानकारी दी। कार्यालय प्रबंधक माधव लोनारे किसी परिजन के अंतिम संस्कार में जाने के लिए सुबह ही हिवरखेड़ जा चुके थे। इससे कार्यालय खुलना सम्भव नहीं था। यदि कल पत्रकार वार्ता की सूचना मिल जाती तो प्रबंधक को जानकारी देकर कार्यालय खुलवाने की व्यवस्था हो जाती। मैंने उन्हें कार्यालय के पीछे शेड में भी पत्रकार वार्ता का सुझाव दिया था पर उन्हें शेड में पत्रकार वार्ता करना ठीक नहीं लगा। मनमुटाव जैसी कोई बात नहीं है बल्कि आज ही मेरी उनसे 4 से 5 बार सौजन्यपूर्ण चर्चा हुई है।

किसानों का हित नहीं चाहती कांग्रेस: गुगनानी
पत्रकार वार्ता में श्री गुगनानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसानों का हित नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि कल किसान सम्मान निधि योजना के तहत 77 लाख किसानों के खाते में 1540 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस किसानों का हित पचा नहीं पाती है। हम कांग्रेस की इस सोच का विरोध करते हैं, निंदा करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और इनकी सरकार किसानों का हित देखती है। यही कारण है कि नए-नए नवाचारों और योजनाओं को लागू किया गया है। इससे किसानों की आय जल्द दोगुनी होगी। श्री गुगनानी ने आगे कहा कि इसके विपरीत कांग्रेस का किसान विरोधी चेहरा किसी से छिपा नहीं है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 10 दिनों में किसानों के कर्जे माफ करने का वादा और ऐलान किया था। उनकी प्रदेश में 15 महीने सरकार रही पर कर्जमाफी नहीं हुई। इसी के चलते उनकी सरकार की बिदाई हो गई।