काले महाराज ने 25 साल बाद पहनी चरण पादुका, इसकी यह है खास वजह

रामलला की जन्मभूमि के दर्शन होने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने का लिया था संकल्प


उत्तम मालवीय (9425003881)
बैतूल। ग्यारह बार अमरनाथ की पैदल नंगे पांव यात्रा कर चुके काले महाराज का प्रण अंतत: 25 साल बाद पूरा हुआ और इसके साथ ही उन्होंने चरण पादुका पहन ली। काले महाराज का प्रण था कि अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि के दर्शन के बाद ही वे पैरों में चप्पल पहनेंगे। अयोध्या में अखंड रामायण पाठ के लिए भक्तों के जत्थे के साथ पहुंचे काले बाबा को दर्शन का सौभाग्य अंततः प्राप्त हो गया।
काले महाराज 11 बार अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं। उनका प्रण था कि श्री रामलला सरकार की जन्मभूमि के दर्शन पश्चात अखंड रामायण में होने वाले भंडारे को ग्रहण करने के बाद ही पैरों में चप्पल पहनेंगे। इसलिए वे 25 सालों से नंगे पांव ही रहते आए हैं। चिलचिलाती धूप और प्रचंड गर्मी में भी उन्होंने कभी चप्पल या जूते नहीं पहने। आखिरकार उनका यह प्रण श्रीराम सुंदरकांड मंडल के तत्वावधान में श्रीराम लला सरकार के आशीर्वाद से पूरा हुआ। इसके बाद मंडल के सदस्यों ने काले महाराज को पैरों में चप्पल पहनाई। दरअसल श्रीराम सुंदरकांड मंडल के तत्वावधान में दर्शनार्थियों का जत्था बैतूल से श्री रामलला सरकार और राम जन्मभूमि के दर्शन करने 15 अक्टूबर को रवाना हुआ था। 17 अक्टूबर को समस्त यात्रियों ने भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन मां सरयू के पावन जल में स्नान के बाद किए। श्री हनुमानगढ़ी का आशीर्वाद लेने के बाद यात्रियों के जत्थे ने श्री कनक भवन तथा श्री दशरथ महल, सुग्रीव किला, भरत-हनुमान मिलाप स्थल, बड़े हनुमान और पत्थर कार्यशाला आदि धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इसके बाद श्रीराम सुंदरकांड मंडल के सभी भक्तजन द्वारा श्री राम आश्रम कनक भवन में अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया। 20 अक्टूबर को अयोध्या में विशाल भंडारे का आयोजन शरद पूर्णिमा के पावन तिथि पर किया गया। इस यात्रा का संयोजन युवराज सोनकपुरिया, मनीष दीक्षित, डॉ. कृष्णा यादव, अनुज झरबड़े, सुरेश अतुलकर, नीलेश धोटे, उज्ज्वल चौरसे ने किया। कार्यक्रम में रमेश बड़वे, डॉ. दिलीप हेड़ाऊ परिवार समेत विशेष रूप से मौजूद थे।

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