महिला डॉक्टर पर कार्यवाही को लेकर मैदान में उतरी राष्ट्रीय हिंदू सेना, पदाधिकारी बोले- दर्ज की जाएं एफआईआर
बैतूल (Betul Update)। जिला अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. वंदना धाकड़ (Dr. Vandana Dhakad) के खिलाफ कार्यवाही की मांग (demand for action) को लेकर राष्ट्रीय हिन्दू सेना (Rashtriya Hindu Sena) भी अब मैदान में उतर चुकी है। संगठन द्वारा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के नाम से सांसद डीडी उईके, विधायक निलय डागा, पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और तख्तियां प्रदर्शन किया। उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की।
संगठन के मध्य भारत प्रान्त उपाध्यक्ष राजा बारस्कर ने बताया की जिला अस्पताल के मेटरनिटी में सर्जरी के दौरान घोड़ाडोंगरी निवासी एक प्रसूता की मौत (maternity death) हो गई। प्रसूता के परिजनों ने पर आरोप लगाया है कि महिला डॉक्टर वंदना धाकड़ ने 5 हजार रुपये की मांग की थी। पैसे लेकर मंगलवार को सर्जरी की थी।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय व मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष पवन मालवीय ने आरोप लगाया कि महिला को रक्त की कमी होने पर महिला के परिजनों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त होने के बाद भी इमरजेंसी हालात पर रक्त के लिए परिजनों को ही परेशान किया जाता रहा।

विभाग सह मंत्री सचिन महाराज ने कहा कि इससे पूर्व में जिला अस्पताल में डॉक्टर्स पर पैसों की मांग को लेकर पीड़ितों की ओर से आरोप लगते रहे हैं परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई है। मध्य भारत प्रान्त प्रवक्ता अखिलेश वाघमारे ने आरोप लगाया कि मरीजों के लिए उनके परिजनों को अस्पताल से दवाइयां नहीं देते हुए बाहर के मेडिकल स्टोर्स से दवाइयां मंगवाई जाती है। वे बहुत मंहगी होती हैं और संभवत: उस ब्रांड में डॉक्टर्स का कमीशन जुड़ा होता है।
प्रखंड अध्यक्ष कपिल गंगारे व प्रखंड अध्यक्ष संदीप मालवीय ने आरोप लगाया कि दुर्घाटना या इमरजेंसी की स्थिति में स्ट्रेचर पर ही मरीज के परिजनों को लाना-ले जाना पड़ता है। वार्ड बॉय को डॉक्टर्स के घर पर उनके निजी कार्य करते हुए देखा गया है। विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे व विभाग युवा अध्यक्ष मनीष मालवीय ने मांग की है कि मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम जिले के बाहर के डॉक्टर्स की हो। ज्ञापन में मांग की गई है कि मृत महिला के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाएं। इसके साथ ही दोषी डॉक्टर्स और स्टॉफ के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएं जिससे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो।
इस अवसर पर विभाग सह संगठन मंत्री शुभम इंगले, तहसील संयोजक विक्रांत कनाठे, वरिष्ठ सहयोगी अंकित चढ़ोकार, वरिष्ठ सहयोगी प्रफुल्ल ठाकरे, प्रखंड अध्यक्ष भवानी सरले, प्रखंड उपाध्यक्ष लोकेश रावत, प्रखंड अध्यक्ष गौरीशंकर बिसोने, प्रखंड अध्यक्ष संजय दाभडे, प्रखंड अध्यक्ष सचिन विश्वकर्मा, प्रखंड अध्यक्ष संजय यादव, नगर अध्यक्ष शनि साहू, नगर सह संयोजक प्रवीण साहू, नगर उपाध्यक्ष पवन नानकर, नगर महामंत्री रोशन नानकर, नगर उपाध्यक्ष नवीन पटेल, प्रखंड अध्यक्ष प्रखंड अध्यक्ष नवनीत जावलकर, प्रखंड उपाध्यक्ष प्रवीण वाघमारे, स्वप्निल पवार, ग्रामीण अध्यक्ष राजेश बारस्कर,राकेश यादव, रवीद्र यादव, राहुल यादव, मोनू खान, रिशब झड़बड़े, पवन बारस्कर, धर्मेद्र राने आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।



