बड़ी खबरेंदेश/विदेशबैतूल अपडेटब्रेकिंग न्यूजमध्यप्रदेश अपडेट

मजदूरों से कहा जा रहा था- परिवार की महिलाओं को छोड़कर चले जाओ वापस

  • लवकेश मोरसे, दामजीपुरा
    कर्नाटक के विजयवाड़ा जिले से बैतूल जिले के 39 बंधुआ मजदूरों को सुप्रीम कोर्ट के अभिभाषक विक्रांत कुमरे द्वारा मुक्त कराया गया। वनवासी कल्याण परिषद मध्य प्रदेश के प्रयास से बेतूल जिले के यह बंधुआ मजदूर मुक्त कराए जा सके। वापस लौटने पर इन मजदूरों ने अपनी व्यथा और नम आंखों से पीड़ा बताई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बेतूल जिले के 39 मजदूर, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल थी, भीमपुर ब्लॉक के दामजीपुरा मंडल के पालंगा ग्राम से मजदूरी की तलाश में स्थानीय ठेकेदार द्वारा महाराष्ट्र ले जाने का कहकर कर्नाटक के बीजापुर जिले में ले जाए गए थे। वहां इनसे खेतों में मजदूरी करवाई जा रही थी।

    मजदूरों को ना तो मजदूरी दी जा रही थी और ना ही उन्हें घर जाने दिया जा रहा था। उन्हें मारपीट व जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। पुरुषों से कहा जा रहा था कि महिलाओं को छोड़कर चले जाओ। जैसे-तैसे मजदूरों ने अपने मोबाइल से गांव में सूचना दी और अपनी आपबीती सुनाई।

    गांव के लोगों ने हरदा जिले के समाजसेवी करुणा शंकर शुक्ला से संपर्क किया। उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के वकील विक्रांत कुमरे से संपर्क किया । श्री कुमरे (वकील) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कर्नाटक बीजेपी कार्यालय संपर्क किया। उन्होंने शिवपुरा के डीजीपी व एसपी को मामला बताया। शिवपुरा एसपी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस को ग्राम में भेजकर 39 मजदूरों को मुक्त कराया।

    एडवोकेट विक्रांत कुमरे

    समाजसेवी श्री शुक्ला द्वारा मजदूरों से सतत संपर्क किया गया और अपनी टीम के साथ खंडवा स्टेशन से रिसीव कर मजदूरों को उनके बैतूल जिले के गांव तक सुरक्षित पहुंचाने में मदद की गई। कर्नाटक में इन मजदूरों को पुलिस द्वारा मुक्त कराने के बाद भी इनकी जान पर बन आई थी। इस पर इन्हें बड़े नाटकीय घटनाक्रम में वापस भेजा जा सका। (यह घटनाक्रम आप वीडियो में सुन सकते हैं)

    ग्राम पालंगा में दामजीपुरा के मंडल विस्तारक एवं वनवासी कल्याण परिषद बैतूल के जिला स्वास्थ्य प्रमुख डॉ. महेन्द्रसिंह चौहान ने घर लौटे मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कर एवं मास्क तथा पुष्प द्वारा स्वागत किया। ग्राम सरपंच अशोक इवने द्वारा श्री शुक्ला एवं मोहन रोकडे को पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया।

    घर लौटे मजदूरों ने सहयोग के लिये नम आंखों से सभी का आभार माना। वनवासी कल्याण परिषद के इस प्रयास की सर्वत्र सराहना की जा रही है। मजदूरों ने भी वनवासी कल्याण परिषद और वनवासी कल्याण परिषद के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया है।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

    Related Articles

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Back to top button