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पत्नी के जाति प्रमाण पत्र पर गैर आदिवासी ले रहे योजनाओं का लाभ

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    युवा आदिवासी विकास संगठन बैतूल ने गैर आदिवासियों से विवाह करने वाली आदिवासी महिलाओं का अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने की मांग की है। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे आवेदन में संगठन के जिला महामंत्री जितेन्द्र सिंह इवने ने बताया कि आदिवासी महिलाओं को जाति प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी, आरक्षण, शासकीय योजनाओं का लाभ, जमीन जायदाद, प्लाट और अन्य प्रकार के लाभ मिलते हैं।

    गैर आदिवासी व्यक्तियों द्वारा आदिवासी युवतियों शादी करने के बाद आदिवासी पत्नी के नाम पर लाभ यह सारे लाभ लिए जाते हैं। विगत माह पूर्व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी गैर आदिवासियों द्वारा आदिवासी के नाम पर आरक्षित सीट पर अपनी आदिवासी पत्नियों को पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया था। प्रदेश में ऐसे कई मामले हैं जो आदिवासियों को मिलने वाली योजनाओं का फायदा गैर आदिवासियों द्वारा अपनी आदिवासी पत्नी के अनुसूचित जन जाति के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ लिया जाता है।

    युवा आदिवासी विकास संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जो आदिवासी महिलाएं गैर आदिवासी व्यक्तियों के साथ शादी करती है, उन महिलाओं का अनुसूचित जन जाति का जाति प्रमाण पत्र रद्द किया जाये। ताकि आदिवासियों को मिलने वाले हक अधिकार, आरक्षण, योजनाओं का लाभ गैर आदिवासी व्यक्ति न ले सके।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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